भारत में वित्तीय लेनदेन के लिए PAN (Permanent Account Number) एक जरूरी दस्तावेज है। ITR दाखिल करने, डीमैट अकाउंट खोलने, म्यूचुअल फंड में निवेश करने और शेयर बाजार में ट्रेडिंग जैसे कई कामों में इसकी जरूरत पड़ती है।
हालांकि, आधार से लिंक न होने, KYC पूरा न होने, एक से ज्यादा PAN जारी होने या कार्डधारक की मृत्यु जैसी वजहों से PAN इनएक्टिव हो सकता है।
ऐसे में किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले यह जानना जरूरी है कि आपका PAN एक्टिव है या नहीं। जरूरत पड़ने पर इसे दोबारा एक्टिव भी कराया जा सकता है。
मुख्य बातें
- इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर तुरंत PAN का एक्टिव या इनएक्टिव स्टेटस चेक किया जा सकता है।
- आधार से लिंक न होने या KYC संबंधी समस्या की वजह से PAN इनएक्टिव हो सकता है।
- इनएक्टिव PAN होने पर ITR दाखिल करने और डीमैट अकाउंट खोलने में दिक्कत आ सकती है।
- PAN को दोबारा एक्टिव कराने के लिए आधार लिंक करना और KYC अपडेट करना जरूरी हो सकता है।
- निवेश या अन्य बड़े वित्तीय लेनदेन से पहले PAN का स्टेटस जरूर जांच लें。
PAN कार्ड का एक्टिव या इनएक्टिव स्टेटस कैसे चेक करें?
अपने PAN का स्टेटस चेक करने के लिए ये आसान स्टेप्स अपनाएं।
- इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर Quick Links सेक्शन में Verify PAN Status विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना PAN नंबर, नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर दर्ज करके Continue पर क्लिक करें।
- मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करें और Validate पर क्लिक करें।
PAN स्टेटस चेक करने के लिए क्या-क्या चाहिए?
PAN का स्टेटस जांचने के लिए आपके पास ये चीजें होनी चाहिए।
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PAN नंबर
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चालू मोबाइल नंबर
PAN कार्ड इनएक्टिव होने की वजहें
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आधार से लिंक न होना: सरकार ने PAN को आधार से लिंक करना अनिवार्य किया था। समय पर लिंकिंग नहीं होने पर कई PAN इनएक्टिव कर दिए गए, जिससे वित्तीय लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं।
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कार्डधारक की मृत्यु: मृत्यु प्रमाण पत्र या कानूनी उत्तराधिकारी की सूचना मिलने के बाद इनकम टैक्स विभाग आमतौर पर 30 दिनों के भीतर PAN को इनएक्टिव कर देता है, ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके।
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एक से ज्यादा PAN जारी होना: यदि किसी व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक PAN पाए जाते हैं, तो जांच के बाद इनकम टैक्स विभाग अतिरिक्त PAN को निष्क्रिय कर देता है और केवल एक वैध PAN को सक्रिय रखता है।
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धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधियां: मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी या बेनामी लेनदेन जैसी संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर जांच के बाद इनकम टैक्स विभाग संबंधित PAN को इनएक्टिव कर सकता है।
इनएक्टिव PAN कार्ड को दोबारा एक्टिव कैसे करें?
अगर आपका PAN इनएक्टिव हो गया है, तो उसे दोबारा एक्टिव करने के लिए ये स्टेप्स अपनाएं।
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इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं।
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अपने PAN और रजिस्टर्ड लॉगिन विवरण की मदद से लॉगिन करें।
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Quick Links सेक्शन में जाकर Link Aadhaar विकल्प चुनें।
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मांगी गई जानकारी के अनुसार अपना PAN और आधार विवरण दर्ज करें।
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उपलब्ध ऑनलाइन पेमेंट माध्यमों से ₹1,000 का जुर्माना जमा करें।
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भुगतान सफल होने के बाद अनुरोध सबमिट करें।
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प्रक्रिया पूरी होने पर आपका PAN फिर से एक्टिव हो जाएगा।
क्या PAN 2.0 के तहत नया PAN कार्ड बनवाना जरूरी है?
अगर आपको अपने मौजूदा PAN में किसी तरह का सुधार या जानकारी अपडेट नहीं करनी है, तो नया PAN कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं है। PAN 2.0 के तहत व्यक्तिगत जानकारी में सुधार या अपडेट कराने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता। बदलाव पूरा होने के बाद QR कोड वाला ई-PAN आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर भेज दिया जाता है।
अगर आपको अपडेट किए गए PAN कार्ड की फिजिकल कॉपी चाहिए, तो ₹50 का शुल्क देकर उसे मंगाया जा सकता है।
जो अनिवासी भारतीय (NRI) भारत में टैक्स चुकाते हैं, वे भी Form 49A भरकर PAN 2.0 के तहत PAN के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर PAN कार्ड विदेशी पते पर भेजना है, तो आवेदन और डिलीवरी सहित ₹994 का शुल्क देना होगा।
इनएक्टिव PAN कार्ड होने के क्या नुकसान हैं?
इनएक्टिव PAN होने पर कई तरह की वित्तीय परेशानियां आ सकती हैं। इनमें मुख्य रूप से ये तीन नुकसान शामिल हैं।
पहला: जब तक PAN इनएक्टिव रहेगा, तब तक TDS (Tax Deducted at Source) और TCS (Tax Collected at Source) सामान्य दर के बजाय अधिक दर से काटा जा सकता है।
दूसरा: अगर आपका कोई टैक्स रिफंड बकाया है, तो PAN दोबारा एक्टिव होने तक उसका भुगतान नहीं किया जाएगा।
तीसरा: अगर टैक्स रिफंड पर ब्याज देय है, तो PAN के इनएक्टिव रहने की अवधि के दौरान उस ब्याज का भुगतान भी नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
किसी भी वित्तीय या टैक्स से जुड़े काम से पहले PAN का एक्टिव स्टेटस जांच लेना बेहद जरूरी है। PAN इनएक्टिव होने की वजह, उसे दोबारा एक्टिव करने की प्रक्रिया और इसके संभावित प्रभावों की सही जानकारी होने से आप वित्तीय लेनदेन और टैक्स अनुपालन से जुड़ी परेशानियों से बच सकते हैं।

