इनकम टैक्स विभाग ने शुरू की नई विशेष सुविधा, E-Filing पोर्टल पर जोड़ा नया फीचर

परिचय
इनकम टैक्स विभाग ने हाल ही में करदाताओं के लिए एक नई विशेष सुविधा शुरू की है। आइए नज़र डालते हैं क्या है यह नई सुविधा और इससे आप जैसे करदाताओं को क्या लाभ मिलेगा।
इनकम टैक्स विभाग की नई सुविधा
इनकम टैक्स विभाग ने हाल ही में एक नई सुविधा शुरू की है जिसके तहत करदाता अपने इनकम टैक्स रिटर्न को ऑनलाइन फाइल करने के अलावा कई अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इस नई सुविधा के तहत, कर दाता अपने ऑनलाइन इनकम टैक्स फाइलिंग के अलावा अपने टैक्स रिकॉर्ड्स को ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, वे अपने टैक्स रिफंड की स्थिति को भी ऑनलाइन देख सकते हैं।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से शुरू की गई इस सुविधा से टैक्सपेयर्स को काफी आसानी होगी। इसके साथ इनकम टैक्स ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ‘e-Proceedings’ टैब के माध्यम से रजिस्टर्ड यूजर्स असेसिंग ऑफिशियल्स, सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) या किसी दूसरे आयकर प्राधिकरण की ओर से जारी किए गए अलग-अलग नोटिस और कम्यूनिकेशन को देख पाएंगे और उनका जवाब दे पाएंगे।
इस सुविधा के तहत, टैक्सपेयर्स अब अपने इनकम टैक्स मामलों की स्थिति को ऑनलाइन देख और नियंत्रित कर सकते हैं। वे ऑफिशियल्स, CPC या अन्य आयकर प्राधिकरणों से जारी नोटिस और कम्यूनिकेशन को ऑनलाइन देख पाएंगे और उनका जवाब दे पाएंगे। इससे टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स ऑफिस के चक्कर से मुक्त होने में मदद मिलेगी और उनका समय और प्रयास बचा जाएगा।
कैसे करें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नए फीचर का उपयोग
सेक्शन 139 (9) के तहत डिफेक्टिव नोटिस
- यदि आपको सेक्शन 139 (9) के तहत कोई डिफेक्टिव नोटिस मिला है, तो आप इसका जवाब दे सकते हैं।
- इसके लिए, इनकम टैक्स फाइलिंग पोर्टल पर जाकर लॉग इन करें और ‘पेंडिंग एक्शन’ सेक्शन में जाएं।
- ‘e-Proceedings’ पर क्लिक करें और डिफेक्टिव नोटिस का जवाब दें।
सेक्शन 245 के तहत इन्टीमेशन
- यदि आपको सेक्शन 245 के तहत कोई इन्टीमेशन मिला है, तो आप इसका जवाब दे सकते हैं।
- इसके लिए, इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर लॉग इन करें और ‘पेंडिंग एक्शन’ सेक्शन में जाएं।
- ‘e-Proceedings’ पर क्लिक करें और इन्टीमेशन का जवाब दें।
सेक्शन 143 (1) (a) के तहत प्राइम फेशिया एडजस्टमेंट
- यदि आपको सेक्शन 143 (1) (a) के तहत कोई प्राइम फेशिया एडजस्टमेंट मिला है, तो आप इसका जवाब दे सकते हैं।
- इसके लिए, इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पर जाकर लॉग इन करें और ‘पेंडिंग एक्शन’ सेक्शन में जाएं।
- ‘e-Proceedings’ पर क्लिक करें और प्राइम फेशिया एडजस्टमेंट का जवाब दें।
- सेक्शन 154 के तहत सुओ मोटो रेक्टिफिकेशन।
- यदि आपको सेक्शन 154 के तहत कोई सुओ मोटो रेक्टिफिकेशन मिला है, तो आप इसका जवाब दे सकते हैं।
- इसके लिए, इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पर जाकर लॉग इन करें और ‘पेंडिंग एक्शन’ सेक्शन में जाएं।
- ‘e-Proceedings’ पर क्लिक करें और सुओ मोटो रेक्टिफिकेशन का जवाब दें।
कैसे करें उपयोग?
- इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पर जाकर अपने क्रेडेंशियल्स के साथ लॉग इन करें।
- ‘पेंडिंग एक्शन’ सेक्शन में जाएं और ‘e-Proceedings’ पर क्लिक करें।
- अपने मामले का चयन करें और जवाब दर्ज करें।
- यदि आप अपने ऑथराइज रिप्रेजेंटेटिव के जरिए जवाब देना चाहते हैं, तो उसका चयन करें।
इस तरह से आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नए फीचर का उपयोग कर सकते हैं और अपने मामलों का जवाब दे सकते हैं।
किन डॉक्यूमेंट्स की पड़ेगी जरूरत?
टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नए फीचर का उपयोग करने के लिए कुछ आवश्यक डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी:
- एक्टिव पैन (PAN): टैक्सपेयर्स के पास एक्टिव पैन होना आवश्यक है ताकि वे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ जुड़े रह सकें।
- वैलिड यूजर आईडी: टैक्सपेयर्स के पास वैलिड यूजर आईडी होना आवश्यक है ताकि वे ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन कर सकें।
- ई-फाइलिंग पासवर्ड: टैक्सपेयर्स के पास ई-फाइलिंग पोर्टल के लिए पासवर्ड होना आवश्यक है ताकि वे अपने मामलों का जवाब दे सकें।
- ऑथराइज रिप्रेजेंटेटिव की ऑथराइजेशन: यदि टैक्सपेयर्स के पास ऑथराइज रिप्रेजेंटेटिव हैं, तो उन्हें ऑथराइज होने की जरूरत होगी ताकि वे टैक्सपेयर्स के नाम पर काम कर सकें।
- टैन (TAN): कुछ मामलों में, टैक्सपेयर्स के पास एक एक्टिव टैन होना आवश्यक हो सकता है यदि वे किसी विशेष सेवा का उपयोग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का यह नया फीचर टैक्सपेयर्स के लिए काफी लाभदायक है। यह उन्हें अपने मामलों का जवाब देने और टैक्स से जुड़ी जानकारियों को ट्रैक करने में मदद करेगा। साथ ही, यह उनके समय और प्रयास को भी कम करेगा। डीमैट खाता खोलना न केवल आपके निवेश को आसान बनाता है, बल्कि आपके आयकर को भी कम करने में मदद कर सकता है। आज ही एंजेल वन के साथ डीमैट खाता खोले जिससे आपको शेयरों, बॉन्ड्स और म्यूचुअल फंड्स जैसे विभिन्न प्रकार के निवेश विकल्पों की जानकारी मिलेगी। एंजेल वन के डीमैट अकाउंट के साथ आप अपने पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान कर सकते हैं और अपने जोखिम को कम कर सकते हैं।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह या किसी विशेष स्टॉक में निवेश की सिफारिश के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। शेयर बाजार में जोखिम होते हैं, और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले गहन शोध करना और पेशेवर मार्गदर्शन लेना आवश्यक है।
Published on: Jun 24, 2024, 1:23 PM IST
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