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पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस: लाभ, पात्रता और आवेदन

6 min readUpdated on 5th Aug, 2026by Angel One
पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई) भारत की सबसे पुरानी और किफायती जीवन बीमा योजनाओं में से एक है। इसमें कम प्रीमियम पर बेहतर बोनस मिलता है। इस लेख में पीएलआई के विभिन्न प्लान, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और इसके प्रमुख फायदों के बारे में विस्तार से बताया गया है
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1 फरवरी 1884 को शुरू की गई पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई) भारत की सबसे पुरानी जीवन बीमा योजना है। लंबे समय तक इसका लाभ मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित था। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कम प्रीमियम और अधिक बोनस। जहां निजी बीमा कंपनियां विज्ञापन और मार्केटिंग पर भारी खर्च करती हैं, वहीं पीएलआई, इंडिया पोस्ट के विशाल नेटवर्क के जरिए कम परिचालन लागत में संचालित होती है। इसी वजह से इसका लाभ सीधे पॉलिसीधारकों को मिलता है।

यदि आप इस योजना के लिए पात्र हैं, तो इसे नजरअंदाज करना आपके लिए नुकसान का सौदा हो सकता है। चाहे आप शिक्षक हों, डॉक्टर, रक्षा सेवाओं में कार्यरत हों या बैंक कर्मचारी, पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस की जानकारी आपको पारंपरिक एंडोमेंट योजनाओं की तुलना में बेहतर लाभ दिला सकती है।

मुख्य बातें

  • बेहतर रिटर्न: भारत सरकार के समर्थन और कम परिचालन लागत के कारण पीएलआई में ऐतिहासिक रूप से अन्य कई बीमा कंपनियों की तुलना में अधिक बोनस मिलता रहा है।
  • सीमित पात्रता: यह योजना सभी के लिए उपलब्ध नहीं है। इसे विशेष रूप से सरकारी, अर्द्धसरकारी कर्मचारियों और पंजीकृत पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है。
  • विभिन्न जरूरतों के लिए अलग-अलग प्लान: जीवन के अलग-अलग चरणों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पीएलआई में छह प्रकार की योजनाएं उपलब्ध हैं।
  • आसान सुविधा: आप ऑनलाइन प्रीमियम जमा कर सकते हैं या देशभर के किसी भी डाकघर में जाकर आवेदन और भुगतान कर सकते हैं।

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई) क्या है?

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई) भारत सरकार के डाक विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स) द्वारा संचालित एक सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी जीवन बीमा योजना है।

1884 में इसकी शुरुआत केवल डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए की गई थी। बाद में सरकार ने इसकी उपयोगिता को देखते हुए इसे अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों के लिए भी खोल दिया। आज यह केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों, रक्षा एवं अर्द्धसैनिक बलों, बैंकों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकार से मान्यता प्राप्त डॉक्टरों, इंजीनियरों जैसे पेशेवरों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।

पीएलआई की खासियत क्या है?

मान लीजिए कोई निजी बीमा कंपनी है। उसे बड़े-बड़े कार्यालय चलाने, विज्ञापन देने और एजेंटों को कमीशन देने पर काफी खर्च करना पड़ता है। आखिरकार यह खर्च ग्राहकों के प्रीमियम से ही पूरा होता है।

इसके विपरीत, पीएलआई पहले से मौजूद डाकघरों और डाक विभाग के कर्मचारियों के जरिए संचालित होती है। इससे इसकी परिचालन लागत काफी कम रहती है। इसी बचत का बड़ा हिस्सा पॉलिसीधारकों को बोनस के रूप में मिलता है। यही वजह है कि पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस को अक्सर "कम प्रीमियम, ज्यादा बोनस" वाली बीमा योजना कहा जाता है।

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के प्रकार

पीएलआई में बहुत अधिक विकल्प नहीं हैं। अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें छह प्रमुख योजनाएं उपलब्ध हैं। हर योजना का एक पारंपरिक संस्कृत नाम भी रखा गया है।

1. होललाइफ एश्योरेंस (सुरक्षा)

यह पूरी जिंदगी सुरक्षा देने वाली योजना है। इसमें 80 वर्ष की आयु तक प्रीमियम जमा करना होता है, जबकि बीमा सुरक्षा जीवनभर बनी रहती है।

किसके लिए उपयुक्त है?

जो लोग अपने परिवार या उत्तराधिकारियों के लिए मजबूत वित्तीय सुरक्षा छोड़ना चाहते हैं।

फायदा

यदि पॉलिसीधारक 80 वर्ष की आयु तक जीवित रहता है, तो उसे बीमित राशि मिलती है। यदि उससे पहले मृत्यु हो जाती है, तो नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को बोनस सहित पूरी राशि दी जाती है। आमतौर पर इस योजना में सबसे अधिक बोनस मिलता है।

2. एंडोमेंट एश्योरेंस (संतोष)

यह पीएलआई की सबसे लोकप्रिय योजना है। इसमें बीमा सुरक्षा के साथ-साथ बचत का भी लाभ मिलता है।

किसके लिए उपयुक्त है?

रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या किसी अन्य निश्चित वित्तीय लक्ष्य के लिए बचत करने वालों के लिए।

फायदा

आप 35, 40, 45, 50, 55, 58 या 60 वर्ष में से अपनी पसंद की मैच्योरिटी आयु चुन सकते हैं। उस समय पूरी राशि मिल जाती है। यदि मैच्योरिटी से पहले मृत्यु हो जाती है, तो पूरी राशि नॉमिनी को दी जाती है।

3. कन्वर्टिबल होल लाइफ एश्योरेंस (सुविधा)

यह उन लोगों के लिए बनाई गई योजना है, जो भविष्य में अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प बदलने की सुविधा चाहते हैं।

किसके लिए उपयुक्त है?

युवा कमाई शुरू करने वाले लोग, जो अभी अपनी दीर्घकालिक वित्तीय जरूरतों को लेकर पूरी तरह निश्चित नहीं हैं।

फायदा

शुरुआत में आप कम प्रीमियम वाली होल लाइफ पॉलिसी लेते हैं। इसके बाद 5 वर्ष पूरे होने पर चाहें तो इसे एंडोमेंट पॉलिसी में बदल सकते हैं, ताकि मैच्योरिटी पर स्वयं भी राशि प्राप्त कर सकें। इससे भविष्य में योजना बदलने की सुविधा मिलती है।

4. एंटिसिपेटेड एंडोमेंट एश्योरेंस (सुमंगल)

यह एक मनी बैक पॉलिसी है।

किसके लिए उपयुक्त है?

उन लोगों के लिए, जिन्हें समय-समय पर पैसों की जरूरत पड़ती रहती है, जैसे घर की मरम्मत, शादी या अन्य बड़े खर्च।

फायदा

मैच्योरिटी तक इंतजार करने के बजाय तय अंतराल (जैसे 6 वर्ष, 9 वर्ष आदि) पर राशि मिलती रहती है। इस दौरान बीमा सुरक्षा भी जारी रहती है।

5. जॉइंट लाइफ एश्योरेंस (युगल सुरक्षा)

यह पति-पत्नी दोनों को एक ही पॉलिसी के तहत बीमा सुरक्षा देने वाली योजना है।

किसके लिए उपयुक्त है?

ऐसे दंपति, जो एक ही प्रीमियम के तहत दोनों का बीमा कराना चाहते हैं।

फायदा

एक ही पॉलिसी में पति और पत्नी दोनों को कवर किया जाता है। यदि किसी एक की मृत्यु हो जाती है, तो दूसरे को बीमित राशि का लाभ मिलता है।

ध्यान दें: इस योजना में पति या पत्नी में से कम से कम एक व्यक्ति का पीएलआई के लिए पात्र होना आवश्यक है।

6. चिल्ड्रेन पॉलिसी (बाल जीवन बीमा)
यह योजना बच्चों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से बनाई गई है।

किसके लिए उपयुक्त है?
ऐसे माता-पिता, जो अपने बच्चे के भविष्य के लिए सुरक्षित वित्तीय व्यवस्था करना चाहते हैं।

फायदा
इस योजना में माता या पिता पॉलिसीधारक होते हैं। यदि पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो आगे कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता। इसके बावजूद मैच्योरिटी पर बच्चे को पूरा इंश्योर्ड अमाउंट मिलता है।

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के फायदे

सरकारी योजना होने के बावजूद पीएलआई कई मामलों में निजी बीमा योजनाओं से बेहतर साबित होती है। इसके प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं।

1. ज्यादा बोनस, कम प्रीमियम

यही पीएलआई की सबसे बड़ी खासियत है। चूंकि भारत सरकार इसे लाभ कमाने के बजाय एक कल्याणकारी योजना के रूप में संचालित करती है, इसलिए होने वाला अधिशेष (सरप्लस) पॉलिसीधारकों को बोनस के रूप में दिया जाता है। ऐतिहासिक रूप से पीएलआई में प्रति ₹1,000 सम एश्योर्ड पर ₹40 से ₹70 तक बोनस मिलता रहा है, जो अधिकांश निजी एंडोमेंट योजनाओं से अधिक है।

2. 100% सरकारी गारंटी

वित्तीय अनिश्चितता के दौर में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस में आपका निवेश भारत सरकार की संप्रभु (सॉवरेन) गारंटी से सुरक्षित रहता है।

3. टैक्स बेनिफिट

अन्य जीवन बीमा योजनाओं की तरह पीएलआई में भी टैक्स लाभ मिलता है।

सेक्शन 80सी: जमा किया गया प्रीमियम टैक्स योग्य आय से कटौती के लिए पात्र होता है (अधिकतम ₹1.5 लाख तक)।

सेक्शन 10(10डी): मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि आमतौर पर टैक्स-फ्री होती है।

4. लोन की सुविधा

यदि आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो पीएलआई पॉलिसी पर लोन लिया जा सकता है। आमतौर पर पॉलिसी में 3 वर्ष बाद सरेंडर वैल्यू बनने पर यह सुविधा मिल जाती है। ब्याज दरें प्रतिस्पर्धी होती हैं और प्रक्रिया भी आसान है।

5. ट्रांसफर की सुविधा

यदि आपकी नौकरी का ट्रांसफर हो जाता है, तो भी आपकी पॉलिसी प्रभावित नहीं होती। आप भारत के किसी भी डाकघर में जाकर प्रीमियम जमा कर सकते हैं, चाहे वह मुंबई जैसा महानगर हो या हिमाचल प्रदेश का कोई दूरस्थ गांव।

यह भी पढ़ें: लाइफ इंश्योरेंस क्या है?

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के लिए पात्रता

यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। LIC या निजी बीमा कंपनियों की तरह कोई भी व्यक्ति सीधे पीएलआई नहीं खरीद सकता। इसके लिए आपको निर्धारित पात्र श्रेणी (एलिजिबल कैटेगरी) में होना जरूरी है।

शुरुआत में यह योजना केवल डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए थी, लेकिन अब इसका दायरा काफी बढ़ चुका है। यदि आप इनमें से किसी श्रेणी में आते हैं, तो पीएलआई के लिए आवेदन कर सकते हैं।

  • केंद्र सरकार के कर्मचारी (सिविल एवं मिलिट्री)
  • राज्य सरकार के कर्मचारी
  • रक्षा सेवाएं एवं अर्द्धसैनिक बल
  • स्थानीय निकाय (नगर निगम, जिला पंचायत आदि)
  • सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान (स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय)
  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (एसबीआई, पीएनबी आदि)
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयूज़) जैसे ओएनजीसी, बीएचईएल
  • सरकार से संबद्ध वित्तीय संस्थान

पंजीकृत पेशेवर भी हैं पात्र

अब पीएलआई का दायरा बढ़ाकर ऐसे पेशेवरों को भी शामिल किया गया है, जो वैधानिक (स्टैच्यूटरी) संस्थाओं में पंजीकृत हैं। इनमें शामिल हैं:

  • डॉक्टर
  • इंजीनियर
  • चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए)
  • आर्किटेक्ट
  • वकील
  • राष्ट्रीयकृत बैंकों के बैंककर्मी

यदि आप इनमें से किसी भी श्रेणी में आते हैं, तो आप पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

आयु सीमा: सामान्यतः 19 से 55 वर्ष।

मेडिकल टेस्ट: अधिक सम एश्योर्ड वाली पॉलिसियों के लिए मेडिकल टेस्ट जरूरी हो सकता है। हालांकि, कम राशि वाली कुछ पॉलिसियां आयु के आधार पर बिना मेडिकल टेस्ट के भी जारी की जा सकती हैं।

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के लिए आवेदन कैसे करें?

पहले पीएलआई के लिए आवेदन करना काफी लंबी कागजी प्रक्रिया माना जाता था, लेकिन अब यह पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। आवेदन करने के दो तरीके हैं, ऑनलाइन और ऑफलाइन।

तरीका 1: ऑनलाइन आवेदन (डिजिटल और तेज)

डाक विभाग ने अब पीएलआई की ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध करा दी है।

  1. पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक पीएलआई वेबसाइट खोलें।
  2. कोट प्राप्त करें: बाय पॉलिसी पर क्लिक करें और अपनी जानकारी (डीओबी, सम एश्योर्ड आदि) भरकर प्रीमियम देखें।
  3. रजिस्टर करें: अपना कस्टमर आईडी बनाएं।
  4. प्रपोजल फॉर्म भरें: व्यक्तिगत जानकारी, मेडिकल विवरण और नॉमिनी की जानकारी दर्ज करें।
  5. डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें: अपना फोटो, हस्ताक्षर और पात्रता से जुड़े दस्तावेज (जैसे ऑफिस आईडी कार्ड या अपॉइंटमेंट लेटर) स्कैन करके अपलोड करें।
  6. पेमेंट करें: शुरुआती प्रीमियम ऑनलाइन जमा करें।
  7. वेरिफिकेशन: नजदीकी हेड पोस्ट ऑफिस आपके दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। जरूरत पड़ने पर आपको मूल दस्तावेजों की जांच या मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जा सकता है।

तरीका 2: ऑफलाइन आवेदन (पारंपरिक तरीका)

  1. एजेंट से संपर्क करें: किसी पीएलआई फील्ड ऑफिसर से मिलें या नजदीकी हेड पोस्ट ऑफिस जाएं।
  2. फॉर्म लें: पीएलआई प्रपोजल फॉर्म प्राप्त करें।
  3. फॉर्म भरें और दस्तावेज संलग्न करें: आवेदन पत्र के साथ स्वयं सत्यापित (सेल्फ-अटेस्टेड) प्रतियां संलग्न करें।
  • एज प्रूफ (पैन/आधार/स्कूल सर्टिफिकेट)
  • आइडेंटिटी प्रूफ (आधार/वोटर आईडी)
  • एड्रेस प्रूफ
  • एलिजिबिलिटी प्रूफ (एम्प्लॉयमेंट आईडी कार्ड या प्रोफेशनल डिग्री/रजिस्ट्रेशन)
  1. सबमिट करें: भरा हुआ आवेदन पोस्टमास्टर या डेवलपमेंट ऑफिसर को सौंप दें.
  2. मेडिकल: यदि आवश्यक हुआ, तो आपको अधिकृत मेडिकल अधिकारी के पास भेजा जाएगा।
  3. पॉलिसी प्राप्त करें: आवेदन स्वीकृत होने के बाद पॉलिसी बॉन्ड आपके पते पर भेज दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: आधार कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें?

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस योजनाओं में प्रीमियम भुगतान के कौन-कौन से तरीके उपलब्ध हैं?

किसी भी पॉलिसी को सक्रिय बनाए रखने के लिए भुगतान में लचीलापन होना जरूरी है। पीएलआई प्रीमियम जमा करने के कई विकल्प देता है।

कैश/चेक से भुगतान:
देश के किसी भी कंप्यूटरीकृत डाकघर में जाकर काउंटर पर कैश या चेक के माध्यम से प्रीमियम जमा किया जा सकता है।

सैलरी डिडक्शन:
यह सबसे आसान तरीका है। आप अपने नियोक्ता (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) को हर महीने आपकी सैलरी से सीधे प्रीमियम काटने की अनुमति दे सकते हैं। इससे प्रीमियम की तारीख छूटने की चिंता नहीं रहती।

ऑनलाइन पेमेंट:
पीएलआई कस्टमर पोर्टल पर लॉगिन करके नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या यूपीआई के जरिए प्रीमियम का भुगतान किया जा सकता है।

स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शंस:
यदि आपका इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) में खाता है, तो आप ऑटो डेबिट की सुविधा भी शुरू कर सकते हैं।

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस का क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस क्या है?

इंश्योरेंस एक भरोसा है और क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस उसी भरोसे को पूरा करने का माध्यम है। पीएलआई में क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया व्यवस्थित है, हालांकि कुछ मामलों में इसमें औपचारिक प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ सकता है।

क्लेम के प्रकार

मैच्योरिटी क्लेम: जब पॉलिसी की अवधि पूरी हो जाए और पॉलिसीधारक जीवित हो।

डेथ क्लेम: जब पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाए और नॉमिनी क्लेम करे।

प्रक्रिया

इंटिमेशन: पॉलिसीधारक या नॉमिनी को उस डाकघर को सूचना देनी होती है, जहां पॉलिसी जारी की गई थी।

आवश्यक दस्तावेज

  • ऑरिजिनल पॉलिसी बॉन्ड
  • क्लेम एप्लीकेशन फॉर्म
  • दावेदार का पहचान और पते का प्रमाण
  • डेथ क्लेम के लिए ऑरिजिनल डेथ सर्टिफिकेट तथा यदि नॉमिनी दर्ज नहीं है, तो उत्तराधिकार प्रमाणपत्र
  • मैच्योरिटी क्लेम के लिए कैंसिल्ड चेक (बैंक ट्रांसफर के लिए)

प्रोसेसिंग: पोस्टमास्टर जमा किए गए प्रीमियम और दस्तावेजों का सत्यापन करता है।

सैंक्शन: डिविजनल सुपरिंटेंडेंट या पोस्टमास्टर जनरल क्लेम को मंजूरी देते हैं।

पेआउट: स्वीकृति के बाद राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है या चेक के माध्यम से भुगतान किया जाता है।

प्रो टिप: हमेशा अपना ऑरिजिनल पॉलिसी बॉन्ड सुरक्षित रखें। इसके खो जाने पर क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस काफी जटिल हो सकती है।

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस बनाम प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस

पीएलआई और प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस के बीच प्रमुख अंतर नीचे दिए गए हैं।

विशेषता  पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई)  प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस 
प्रीमियम लागत  बहुत कम। मार्केटिंग और एजेंट पर कम खर्च।  अधिक। इसमें मार्केटिंग और वितरण की लागत शामिल होती है। 
बोनस रिटर्न  अधिक (₹50-₹80 प्रति ₹1000 सम एश्योर्ड)  मध्यम (₹30-₹50 प्रति ₹1000 सम एश्योर्ड) 
सुरक्षा  भारत सरकार की गारंटी  आईआरडीएआई द्वारा विनियमित (उच्च सुरक्षा, लेकिन सॉवरेन गारंटी नहीं) 
पात्रता  केवल सरकारी/अर्द्धसरकारी कर्मचारियों और कुछ पेशेवरों के लिए  सभी के लिए उपलब्ध 
टेक्नोलॉजी  लगातार बेहतर हो रही है, लेकिन यूजर इंटरफेस अपेक्षाकृत साधारण हो सकता है  आधुनिक ऐप्स और तेज डिजिटल सेवाएं 
कस्टमर सर्विस  पारंपरिक, कई मामलों में डाकघर जाना पड़ सकता है  आधुनिक, ज्यादातर सेवाएं पूरी तरह डिजिटल या कॉल सेंटर आधारित 

निष्कर्ष

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस एक ऐसी पुरानी लेकिन भरोसेमंद योजना है, जो दिखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन निवेश और सुरक्षा के मामले में बेहद मजबूत साबित होती है।

देश की सेवा करने वाले सैनिकों, शिक्षकों, डॉक्टरों और अन्य पात्र पेशेवरों के लिए इंडियन पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस स्कीम एक विशेष सुविधा है। यह कम प्रीमियम लेकर अधिक लाभ देने की कोशिश करती है और आपकी मेहनत की कमाई का बेहतर मूल्य प्रदान करती है।

यदि आप इसके लिए पात्र हैं, तो इस अवसर को नजरअंदाज न करें। यह आपके परिवार के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित बनाने के सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है।

FAQs

पीएलआई और एलआईसी में से कौन बेहतर है?

यदि आप पीएलआई के लिए पात्र हैं, तो पारंपरिक एंडोमेंट प्लान के मामले में पीएलआई आमतौर पर एलआईसी से बेहतर माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रीमियम कम होता है और बोनस दरें अधिक होती हैं। हालांकि, एलआईसी की योजनाएं सभी लोगों के लिए उपलब्ध हैं, जबकि पीएलआई केवल पात्र कर्मचारियों और कुछ पेशेवरों के लिए ही है।

पीएलआई योजना में नामांकन के लिए न्यूनतम प्रीमियम कितना होता है?

न्यूनतम प्रीमियम आपकी उम्र और सम एश्योर्ड पर निर्भर करता है। हालांकि, पीएलआई में ₹20,000 के सम एश्योर्ड से भी पॉलिसी शुरू की जा सकती है, जिससे मासिक प्रीमियम काफी किफायती रहता है और कई मामलों में यह केवल कुछ सौ रुपये होता है।

पीएलआई पॉलिसी का मैच्योरिटी अमाउंट कैसे तय किया जाता है?

मैच्योरिटी अमाउंट की गणना इस सूत्र से की जाती है:

सम एश्योर्ड + (बोनस दर × वर्षों की संख्या × सम एश्योर्ड ÷ 1000)

चूंकि बोनस हर वर्ष जुड़ता रहता है, इसलिए लंबी अवधि की पॉलिसियों में मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि भी अधिक होती है।

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस और अन्य लाइफ इंश्योरेंस योजनाओं में मुख्य अंतर क्या है?

सबसे बड़ा अंतर इनके संचालन और लागत का है। पीएलआई सरकार की कल्याणकारी योजना है, इसलिए इसकी प्रशासनिक लागत काफी कम होती है। इसी वजह से यह अधिकांश प्राइवेट और अन्य लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों की तुलना में पॉलिसीधारकों को अधिक बोनस देने में सक्षम होता है।

क्या पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस का लाभ लेने के लिए पति-पत्नी दोनों का सरकारी कर्मचारी होना जरूरी है?

नहीं। युगल सुरक्षा योजना के तहत केवल पति या पत्नी में से किसी एक का पीएलआई के लिए पात्र होना आवश्यक है। दूसरा जीवनसाथी पात्रता श्रेणी में न होने पर भी इस योजना के तहत कवर किया जा सकता है।

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