आयकर रिटर्न दाखिल 2025: 100 दिनों की देरी के बाद आयकर रिटर्न-2 और आयकर रिटर्न-3 के लिए एक्सेल उपयोगिता जारी – क्या अब दाखिल तेज़ होगी?

आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2024–25 (आकलन वर्ष 2025–26) के लिए आखिरकार आयकर रिटर्न-2 (ITR-2) और आयकर रिटर्न-3 (ITR-3) की एक्सेल उपयोगिता जारी कर दी हैं। आयकर दाखिल समय शुरू होने के 100 दिन बाद आई इस देरी से करोड़ों करदाताओं की रिटर्न तैयार करने और जमा करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
क्या थी समस्या?
आयकर दाखिल समय मई 2025 के अंत में शुरू हुआ, लेकिन तब केवल आयकर रिटर्न-1 (ITR-1) और आयकर रिटर्न-4 (ITR-4) की उपयोगिता उपलब्ध थीं। आयकर रिटर्न-1 और आयकर रिटर्न-4 मुख्य रूप से वेतनभोगी करदाताओं और छोटे व्यापारियों के लिए हैं। लेकिन आयकर रिटर्न-2 और आयकर रिटर्न-3 उपलब्ध नहीं थे।
- आयकर रिटर्न-2: उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी आय वेतन, एक से ज़्यादा संपत्ति या पूंजीगत लाभ (Capital Gains) से होती है।
- आयकर रिटर्न-3: उन व्यक्तियों व हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है जिनकी आय व्यापार से होती है, जिसमें शेयर ट्रेडिंग या विदेशी संपत्ति भी शामिल हो सकती है।
इस देरी से न केवल व्यापारियों बल्कि निवेश करने वाले वेतनभोगी लोगों को भी दिक्कत हुई।
यह देरी क्यों महत्वपूर्ण है?
उपयोगिता में 3 महीने से ज़्यादा की देरी से करदाताओं को दस्तावेज़ जुटाने, कर गणना करने और व्यवस्थित तरीके से रिटर्न दाखिल करने में समय कम मिला। कर संबंधी जानकारों ने आशंका जताई कि इससे:
- आख़िरी समय में भीड़,
- दाखिल में गलतियां,
- और धनवापसी में देरी हो सकती है।
रिटर्न दाखिल करने की आख़िरी तारीख
जिन करदाताओं के खातों का अंकेक्षण नहीं होता, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 है। अगर सरकार ने समय सीमा नहीं बढ़ाई, तो करदाताओं को जल्दी तैयारी करनी होगी। अभी भी आयकर रिटर्न-5 (ITR-5), आयकर रिटर्न-6 (ITR-6) और आयकर रिटर्न-7 (ITR-7) की एक्सेल उपयोगिता जारी नहीं हुई हैं, जो भागीदारी, कंपनियों और ट्रस्ट्स के लिए ज़रूरी हैं। कर संबंधी जानकार इनका भी इंतज़ार कर रहे हैं।
अब करदाता क्या करें?
अब जबकि आयकर रिटर्न-2 और आयकर रिटर्न-3 की उपयोगिता उपलब्ध हैं, संबंधित करदाताओं को तुरंत:
- वेतन विवरण,
- पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) विवरण,
- मकान संपत्ति (हाउस प्रॉपर्टी) से होने वाली आय की जानकारी,
- व्यवसाय या पेशे (बिज़नेस/प्रोफेशन) से संबंधित आय के रिकॉर्ड,
- तथा विदेशी संपत्तियों का विवरण
इकट्ठा करके रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर देनी चाहिए।
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निष्कर्ष
हालांकि आयकर रिटर्न-2 और आयकर रिटर्न-3 की उपयोगिता देर से आईं, पर इससे करोड़ों करदाताओं को बड़ी राहत मिली है। मगर 15 सितंबर की समयसीमा पास होने के कारण अब बिना देर किए दस्तावेज़ तैयार कर सही रिटर्न फाइल करना ज़रूरी है, ताकि आख़िरी समय की भीड़ और गलतियों से बचा जा सके।
अस्वीकरण: यह ब्लॉग केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। उल्लिखित प्रतिभूतियां केवल उदाहरण हैं और सिफारिशें नहीं हैं। यह व्यक्तिगत सिफारिश/निवेश सलाह नहीं है। इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या संस्था को निवेश निर्णय लेने के लिए प्रभावित करना नहीं है। प्राप्तकर्ताओं को निवेश निर्णय लेने के बारे में एक स्वतंत्र राय बनाने के लिए अपना शोध और आकलन करना चाहिए।
प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं, निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।
Published on: Jul 12, 2025, 9:33 AM IST

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