जियो प्लेटफॉर्म्स IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में करेगी: आकाश अंबानी

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट्स से यह बात सामने आई है कि जियो प्लेटफॉर्म्स अपने IPO से मिलने वाले पैसों में से ₹27,500 करोड़ तक की रकम का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम का बकाया कर्ज चुकाने के लिए करेगी।
चेयरमैन आकाश अंबानी ने गुरुवार को कहा कि कंपनी कर्ज-मुक्त बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। इस IPO के जरिए इसके प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर ₹30,213 करोड़ जुटाए जाने की उम्मीद है।
कर्ज चुकाने के बाद जो रकम बचेगी, उसे कंपनी की आम कारोबारी जरूरतों (जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों) में इस्तेमाल किया जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स का रिपोर्टेड नेट डेट एक साल पहले के ₹39,036 करोड़ से घटकर अब ₹9,539 करोड़ पर आ गया है। कर्ज चुकाने की इस योजना से कंपनी के उधार लेने की लागत में भी कमी आएगी।
IPO से जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन ₹10.3 लाख करोड़
कंपनी ने इस IPO के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू के तहत कुल मिलाकर अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इस IPO की शुरुआत 21 अक्टूबर से होगी और निवेशक 23 अक्टूबर, 2026 तक इसमें पैसे लगा सकेंगे (सब्सक्रिप्शन ले सकेंगे)।
प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर जियो प्लेटफॉर्म्स की कुल वैल्युएशन (मूल्यांकन) लगभग ₹10.3 लाख करोड़ होगी। यह इश्यू साल 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) के ₹27,900 करोड़ वाले IPO से भी बड़ा है।
यह पूरी तरह से एक फ्रेश इश्यू है। इसका मतलब यह है कि इसमें कंपनी के मौजूदा निवेशक ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के जरिए अपने शेयर नहीं बेचेंगे। जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब 66.4% हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी पूरी हिस्सेदारी अपने पास ही रखेगी। इसके अलावा, मेटा (Meta), गूगल (Google), मुबाडाला (Mubadala) और सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) भी अपनी-अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेंगे।
मोबाइल कनेक्टिविटी से कहीं आगे निकल चुका है जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार
साल 2016 में कमर्शियल तौर पर कामकाज शुरू करने के बाद से जियो के ग्राहकों (सब्सक्राइबर्स) का आंकड़ा 53.3 करोड़ (533 मिलियन) के पार पहुंच चुका है। आज के समय में कंपनी केवल मोबाइल तक सीमित नहीं है, बल्कि होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी अपने कारोबार को तेजी से फैला रही है।
आकाश अंबानी ने बताया कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2031 (FY31) तक बढ़कर 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इस दौरान उन्होंने जियो द्वारा अब तक दाखिल किए गए लगभग 7,200 पेटेंट आवेदनों का भी खास तौर पर जिक्र किया।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में लगभग ₹76,000 करोड़ का EBITDA (ऑपरेटिंग मुनाफा) दर्ज किया है, जबकि पिछले तीन सालों में इसकी ग्रोथ रेट 17.8% रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर शेयर बाजार में 28 अक्टूबर, 2026 को लिस्ट होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
5G इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश करने के बाद अब जियो की नजरें भविष्य की टेक्नोलॉजी यानी 6G की तरफ बढ़ने पर हैं। अपनी तकनीकी योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ कंपनी इस IPO के जरिए अपना कर्ज घटाने और ब्रॉडबैंड व डिजिटल सेवाओं के जरिए अपनी कमाई को और बढ़ाने पर पूरा जोर दे रही है।
प्रकाशित:: 19 Oct 2026, 5:22 pm IST

Team Angel One
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