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IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स के मुनाफे में दूरसंचार कारोबार की हिस्सेदारी करीब 94%

द्वारा लिखित: Team Angel Oneअपडेट किया गया: 20 Oct 2026, 6:00 am IST
जियो की डिजिटल कनेक्टिविटी सेवाओं का संचालन करने वाली मुख्य सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) ने वित्त वर्ष 2026 में जियो प्लेटफॉर्म्स के समेकित शुद्ध लाभ (PAT) में 93.76% का योगदान दिया।
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जियो प्लेटफॉर्म्स अपने IPO की तैयारी कर रही है। इस बीच, कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) से पता चलता है कि लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) का समूह के कुल मुनाफे में कितना बड़ा हाथ है।

जियो प्लेटफॉर्म्स भले ही एक व्यापक प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा मंच के रूप में आगे बढ़ रही हो, लेकिन RJIL के तहत आने वाला मुख्य डिजिटल कनेक्टिविटी कारोबार ही अब भी कंपनी की आय और कमाई का मुख्य आधार बना हुआ है।

मुनाफे और राजस्व में दबदबा

RHP में दिए गए संशोधित समेकित वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में RJIL का समेकित शुद्ध लाभ (PAT) में योगदान 93.76% (₹281,732 मिलियन) रहा। वहीं, 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान यह हिस्सेदारी 92.31% (₹71,669 मिलियन) थी।

इसी तरह, वित्त वर्ष 2026 में समेकित EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अमॉर्टाइजेशन से पहले की आय) में RJIL की हिस्सेदारी 94.88% और परिचालन से होने वाली समेकित आय (राजस्व) में 87.74% रही। वित्त वर्ष 2026 में RJIL ने देशभर में अपनी मोबाइल और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवाओं से ₹1,288,714 मिलियन का एकल राजस्व अर्जित किया।

लाइसेंस प्राप्त इकाई होने का फायदा

RJIL दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा जारी एकीकृत लाइसेंस के तहत काम करती है। कंपनी के विशाल स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो का स्वामित्व भी इसी इकाई के पास है। 30 जून 2026 तक RJIL के पास 26,800.8 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम था, जिसकी औसत शेष अवधि 15.8 वर्ष थी।

भारत में RJIL ही एकमात्र ऐसा ऑपरेटर है, जिसके पास सभी दूरसंचार सर्किलों में 5G सेवाओं के लिए लो-फ्रीक्वेंसी बैंड, मिड-फ्रीक्वेंसी बैंड और मिलीमीटर-वेव स्पेक्ट्रम उपलब्ध है। इससे कंपनी को उच्च क्षमता वाला नेटवर्क देने में मदद मिलती है, जो समूह की वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान करता है।

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO से मिलने वाली रकम से कर्ज घटाने की योजना

RHP में यह भी बताया गया है कि RJIL पर अच्छा-खासा कर्ज है। इसमें 5G इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए लिए गए बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECBs) शामिल हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स के इस IPO का एक मुख्य उद्देश्य जुटाई गई शुद्ध राशि में से ₹275,000 मिलियन तक का इस्तेमाल RJIL के कुछ बकाया कर्ज को आंशिक या पूरी तरह से समय से पहले चुकाने में करना है। कर्ज में इस तरह की चरणबद्ध कटौती से कंपनी का शुद्ध कर्ज और उससे जुड़ा ब्याज व अन्य खर्च कम होने की उम्मीद है। इससे समूह की बैलेंस शीट भी काफी मजबूत होगी।

निष्कर्ष

जियो प्लेटफॉर्म्स के पास डिजिटल एप्लिकेशन्स, एंटरप्राइजेज के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कई पहल हैं, लेकिन RJIL का टेलीकॉम बिजनेस ही अब भी कंपनी की वित्तीय मजबूती का सबसे बड़ा स्तंभ है। आगामी IPO के जरिए RJIL की बैलेंस शीट से कर्ज का बोझ कम करने पर दिया जा रहा जोर लंबी अवधि में निवेशकों व शेयरधारकों के लिए बेहतर रिटर्न सुनिश्चित कर सकता है।

प्रकाशित:: 20 Oct 2026, 5:57 am IST

Team Angel One

Team Angel One is a group of experienced financial writers that deliver insightful articles on the stock market, IPO, economy, personal finance, commodities and related categories.

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