IPO से पहले रिलायंस जियो की 31.4 करोड़ नए ग्राहक जोड़ने की योजना

एक समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, अपने प्रस्तावित IPO की तैयारियों के बीच रिलायंस जियो को करीब 31.4 करोड़ नए मोबाइल ग्राहक जोड़ने की प्रबल संभावना दिख रही है। इस अनुमान में पहली बार सिम खरीदने वाले उपभोक्ता और 2G से 4G/5G नेटवर्क पर आने वाले मौजूदा ग्राहक शामिल हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक और रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने बताया कि अगले पांच सालों में लगभग 10 करोड़ भारतीय पहली बार सिम कार्ड लेने के योग्य हो जाएंगे। इसके अलावा, देश में अब भी करीब 24 करोड़ लोग 2G सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
जियो का डेटा इस्तेमाल और वित्तीय प्रदर्शन
आकाश अंबानी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में जियो का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) 17.8% बढ़कर लगभग ₹76,000 करोड़ तक पहुँच गया है। कंपनी भारत के करीब 60% डिजिटल ट्रैफिक को संभालती है। जियो के ग्राहक हर महीने औसतन 47.3 GB डेटा का उपयोग करते हैं।
साल 2016 में जब जियो ने भारतीय दूरसंचार बाज़ार में 14वें ऑपरेटर के रूप में कदम रखा था, तब 1 GB डेटा की कीमत लगभग ₹228 थी और औसत डाउनलोड स्पीड मात्र 2.5 Mbps हुआ करती थी।
तब से लेकर अब तक बाज़ार में बड़े बदलाव आए हैं और कड़े मुकाबले के चलते कंपनियों की संख्या सीमित रह गई है। फिलहाल भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) चार प्रमुख निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के मोबाइल सेवा प्रदाताओं को सूचीबद्ध करता है: एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल।
इस दौरान मोबाइल डेटा की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है और अब भारत दुनिया में सबसे सस्ती डेटा दरों वाले देशों में शामिल है। आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो की मौजूदा औसतन डाउनलोड स्पीड करीब 200 Mbps है।
5G और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
आकाश अंबानी ने बताया कि जियो ने करीब तीन साल पहले अपने 5G नेटवर्क का विस्तार शुरू किया था और आज चीन के बाहर उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा 5G ग्राहक आधार है। कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सेवाओं पर भी तेज़ी से काम कर रही है। इनमें 12 भारतीय भाषाओं में कॉल को टेक्स्ट में बदलने और उसका सारांश (समरी) तैयार करने की सुविधा शामिल है, जिसकी पहुँच संभावित रूप से 53 करोड़ भारतीयों तक हो सकती है।
गूगल के साथ हुई साझेदारी से जियो को जेमिनी के करीब 3 करोड़ ग्राहक जोड़ने में मदद मिली है। इसके अलावा कंपनी ने अपनी स्वदेशी तकनीक के व्यावसायिक उपयोग के लिए विदेशी बाज़ारों में भी अवसरों की पहचान की है, हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी समयसीमा या वित्तीय लक्ष्य की घोषणा नहीं की गई है।
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की तारीखें और प्राइस बैंड
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, जिनकी कुल कीमत ₹30,213 करोड़ तक होगी। IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया है। यह इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर, 2026 को बंद होगा।
शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर, 2026 को होने की संभावना है, जबकि बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर, 2026 को होने की उम्मीद है। खुदरा निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से ₹13,428 का निवेश करना होगा।
निष्कर्ष
कंपनी अपने 5G नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ नए मोबाइल ग्राहकों को जोड़ने पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर, 2026 से सब्सक्राइब करने के लिए खुल जाएगा।
प्रकाशित:: 19 Oct 2026, 5:30 pm IST

Team Angel One
- IPO से पहले रिलायंस जियो की 31.4 करोड़ नए ग्राहक जोड़ने की योजना
- जियो प्लेटफॉर्म्स ने दाखिल कीं 7,220 पेटेंट अर्जियां, वैश्विक टॉप 20 में शामिल होने वाली इकलौती भारतीय कंपनी!
- IPO से पहले रेवेन्यू बढ़ाने के लिए सेवाओं का विस्तार करने की योजना बना रहा है जियो प्लेटफॉर्म्स
- जानिए, जियो प्लेटफॉर्म्स IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारक कोटे से कैसे आवेदन करें
- आगामी जियो प्लेटफॉर्म्स IPO से 2020 के वैश्विक निवेशकों के हिस्सेदारी मूल्य में भारी उछाल
संबंधित लेख
- रिसर्च
- शेयर मार्केट
- पर्सनल फाइनेंस
- मार्केट अपडेट्स
- शेयर मार्केट
- फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस
- ग्लोबल मार्केट
- कमोडिटीज़
- टैक्सेशन
- प्रोडक्ट अपडेट्स
- बजट
- आईपीओज़
- म्यूचुअल फंड्स
- अर्थव्यवस्था
- मार्केट मास्टर्स
- अर्थव्यवस्था
- अन्य
- बॉन्ड्स
- ग्लोबल स्टॉक
- ट्रेडिंग
- इंश्योरेंस
- खर्चे
- निवेश
- क्रूड ऑयल
- टाटा आईपीएल
- गॉवर्नमेंट स्किम्स
- स्टॉक्स
- अनलिस्टेड कंपनियां




