NSE का स्वामित्व ढांचा (Ownership Structure): NSE IPO के प्रमुख शेयरधारकों की पूरी जानकारी

NSE के डिम्यूचुअलाइज्ड ढांचे में प्रमोटर की हिस्सेदारी 0% है, जबकि आम शेयरधारकों के पास 64.44% और ट्रेडिंग सदस्यों के पास 35.56% हिस्सेदारी है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72% हिस्सेदारी के साथ NSE का सबसे बड़ा शेयरधारक है।
National Stock Exchange (NSE) of India एक डिम्यूचुअलाइज्ड स्टॉक एक्सचेंज के रूप में काम करता है। इसका मतलब है कि NSE में कोई पहचाना गया प्रमोटर या प्रमोटर समूह नहीं है।
यह ढांचा भारतीय नियमों के तहत अनिवार्य है, ताकि इसके स्वामित्व को प्रबंधन और ट्रेडिंग के अधिकारों से अलग रखा जा सके।
30 जून 2026 तक शेयरहोल्डिंग पैटर्न
30 जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, NSE की कुल चुकता इक्विटी पूंजी 2,47,50,00,000 शेयर है। प्रमोटर और प्रमोटर समूह श्रेणी के पास 0% हिस्सेदारी है।
आम शेयरधारकों के पास 64.44% शेयर हैं, जबकि ट्रेडिंग सदस्यों और उनके सहयोगियों के पास 35.56% हिस्सेदारी है। NSE के सभी शेयर डीमैट रूप में रखे गए हैं।
NSE के प्रमुख शेयरधारक
31 मार्च 2026 तक भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72% हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ा शेयरधारक है। इसके अलावा, Aranda Investments (Mauritius) Pte. Ltd. के पास 4.54% और Stock Holding Corporation of India Ltd. के पास 4.44% हिस्सेदारी है।
NSE के प्रमुख शेयरधारकों में भारतीय और विदेशी, दोनों तरह की संस्थाएं शामिल हैं।
रैंक
| शेयरधारक का नाम | शेयरों की संख्या | चुकता इक्विटी पूंजी में हिस्सेदारी |
1 | 26,52,75,000 | 10.72% | |
2 | Aranda Investments (Mauritius) Pte. Ltd. | 11,24,63,356 | 4.54% |
3 | Stock Holding Corporation of India Ltd. | 11,00,00,000 | 4.44% |
4 | SBI Capital Markets Limited | 10,72,50,000 | 4.33% |
5 | Mahasony Limited | 9,22,95,000 | 3.72% |
6 | 7,98,47,050 | 3.22% | |
7 | PI Opportunities Fund I | 5,89,00,000 | 2.37% |
8 | Crown Capital Limited | 5,13,55,465 | 2.07% |
9 | DVI Fund (Mauritius) Ltd | 4,52,16,215 | 1.82% |
10 | TIMF Holdings | 4,32,30,357 | 1.74% |
विदेशी स्वामित्व की सीमा
NSE के लिए तय की गई अधिकतम विदेशी स्वामित्व सीमा 49% है। 30 जून 2026 तक इस सीमा का 27.88% इस्तेमाल किया जा चुका था। पिछली कुछ तिमाहियों में भी विदेशी स्वामित्व का इस्तेमाल लगभग 28% के आसपास ही रहा है।
विवरण | स्वीकृत सीमा (%) | इस्तेमाल की गई सीमा (%) |
30 जून 2026 | 49% | 27.88% |
31 मार्च 2026 | 49% | 28.08% |
31 दिसंबर 2025 | 49% | 28.20% |
30 सितंबर 2025 | 49% | 28.19% |
30 जून 2025 | 49% | 28.37% |
सहायक और सहयोगी कंपनियां
NSE की कई सीधी सहायक कंपनियां हैं, जिनमें NSE Clearing Limited और NSE Investments Limited शामिल हैं। इन दोनों कंपनियों में NSE की 100% हिस्सेदारी है।
इसके प्रमुख सहयोगी उपक्रमों में National Securities Depository Limited शामिल है, जिसमें NSE की 15% हिस्सेदारी है। इसके अलावा, Receivables Exchange of India Limited में NSE की 30% हिस्सेदारी है।
FY26 में रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री और पूंजी में बदलाव
वित्त वर्ष 2026 (FY26) में NSE ने NSDL में अपनी हिस्सेदारी 24% से घटाकर 15% कर दी। इस सौदे से NSE को ₹1,362.57 करोड़ का कर-पूर्व (pre-tax) लाभ हुआ।
इसके अलावा, एक बोनस इश्यू के बाद NSE की चुकता पूंजी बढ़कर ₹247.50 करोड़ हो गई। NSE ने Talentsprint में भी अपनी हिस्सेदारी ₹244.85 करोड़ में बेच दी।
NSE का प्रशासन और स्वामित्व ढांचा
NSE के गवर्निंग बोर्ड में 'जनहित निदेशक (Public Interest Directors)' की बहुलता है, जिसका मकसद अलग-अलग हितधारकों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना है। किसी भी शेयरधारक के पास 15% या उससे ज्यादा वोटिंग अधिकार का नियंत्रण नहीं है।
NSE को मौजूदा शेयरधारकों द्वारा Offer for Sale (OFS) के जरिए IPO लाने के लिए SEBI से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) भी मिल चुका है।
NSE IPO का ऑफर साइज
NSE IPO में सेकेंडरी सेल (Secondary Sale) के तहत अधिकतम 12,64,36,650 इक्विटी शेयर ऑफर किए जा रहे हैं। हर शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है।
कम से कम फ्लोर प्राइस पर कुल ऑफर की कीमत ₹21,486.45 करोड़ बैठती है। वहीं, अगर यह सौदा अधिकतम कैप प्राइस तक पहुंचता है, तो कुल ऑफर की कीमत ₹22,561.57 करोड़ हो जाएगी।
इस आधार पर IPO के बाद NSE का मार्केट कैप ₹4,20,750.00 करोड़ से ₹4,41,787.50 करोड़ के बीच रहने का अनुमान है।
NSE IPO का प्राइस बैंड और बोली प्रक्रिया
NSE IPO के लिए इक्विटी शेयरों का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशक न्यूनतम 8 शेयरों के लॉट (Lot Size) में बोली लगा सकते हैं, और इसके बाद 8 के ही गुणक में आवेदन किया जा सकता है।
योग्य कॉरपोरेट कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से के तहत प्रति शेयर ₹170 का डिस्काउंट दिया जाएगा। कर्मचारी श्रेणी के लिए कुल शेयर आवंटन का मूल्य ₹70.00 करोड़ तक रखा गया है।
NSE IPO की प्रमुख तारीखें
संस्थागत एंकर निवेशकों के लिए बोली की प्रक्रिया बुधवार, 16 सितंबर 2026 को खुली और उसी दिन सफलतापूर्वक पूरी हो गई।
आम निवेशकों के लिए मुख्य बोली प्रक्रिया गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को खुली। सभी श्रेणियों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया सोमवार, 21 सितंबर 2026 को बंद होगी।
शेयर अलॉटमेंट को अंतिम रूप (Basis of Allotment) मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को दिया जाएगा।
निष्कर्ष
NSE की स्वामित्व संरचना में प्रमोटर की हिस्सेदारी 0% है, जबकि आम शेयरधारकों के पास 64.44% और ट्रेडिंग सदस्यों के पास 35.56% हिस्सेदारी है। 10.72% हिस्सेदारी के साथ LIC NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है।
NSE का प्रशासनिक ढांचा पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर्स के बहुमत पर आधारित है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी हितधारकों के हितों में संतुलन बनाए रखना है।
प्रकाशित:: 21 Sept 2026, 5:23 pm IST

Team Angel One
- NSE का स्वामित्व ढांचा (Ownership Structure): NSE IPO के प्रमुख शेयरधारकों की पूरी जानकारी
- NSE IPO का सब्सक्रिप्शन दूसरे दिन अब तक 50% के आंकड़े को पार
- NSE IPO का सब्सक्रिप्शन दूसरे दिन अब तक 50% के आंकड़े को पार
- IPO बिडिंग अपडेट: पहले दिन कर्मचारियों की मांग सबसे आगे; NSE IPO 42% भरा
- NSE IPO: एंकर निवेशकों से जुटाए ₹6,746.18 करोड़; LIC, Fidelity और ADIA रहे सबसे आगे
संबंधित लेख
- रिसर्च
- शेयर मार्केट
- पर्सनल फाइनेंस
- मार्केट अपडेट्स
- शेयर मार्केट
- फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस
- ग्लोबल मार्केट
- कमोडिटीज़
- टैक्सेशन
- प्रोडक्ट अपडेट्स
- बजट
- आईपीओज़
- म्यूचुअल फंड्स
- अर्थव्यवस्था
- मार्केट मास्टर्स
- अर्थव्यवस्था
- अन्य
- बॉन्ड्स
- ग्लोबल स्टॉक
- ट्रेडिंग
- इंश्योरेंस
- खर्चे
- निवेश
- क्रूड ऑयल
- टाटा आईपीएल
- गॉवर्नमेंट स्किम्स
- स्टॉक्स
- अनलिस्टेड कंपनियां


