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जियो प्लेटफॉर्म्स IPO और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच क्या है संबंध?

द्वारा लिखित: Team Angel Oneअपडेट किया गया: 13 Oct 2026, 4:44 pm IST
रिलायंस इंडस्ट्रीज का हिस्सा ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ अब अपना IPO लाने की तैयारी कर रहा है, जिसके बाद भी रिलायंस इसकी प्रमोटर बनी रहेगी। इस IPO में नए शेयर जारी किए जाएंगे, जिससे जियो के शेयरधारकों का दायरा और बड़ा होगा।
JIO IPO
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भारत के डिजिटल सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स अब शेयर बाजार में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) पेश करने जा रही है। भले ही यह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का एक हिस्सा है, लेकिन इसके अपने अलग ऑपरेशंस और स्वामित्व संरचना है। इसके बावजूद, इसका कारोबार और मालिकाना हक रिलायंस इंडस्ट्रीज के व्यापक व्यावसायिक हितों से गहराई से जुड़े हुए हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिश्ते को समझें

जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस के डिजिटल कारोबार की मुख्य इकाई (सब्सिडियरी) है। इसके तहत दूरसंचार (टेलीकॉम), ब्रॉडबैंड, गेमिंग और क्लाउड सेवाएं शामिल हैं।

दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज का दायरा ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स और रिटेल जैसे कई अलग-अलग क्षेत्रों तक फैला हुआ है। रिलायंस समूह का हिस्सा होने के बावजूद, जियो प्लेटफॉर्म्स एक स्वतंत्र इकाई के रूप में अपने अलग कॉरपोरेट ढांचे और वित्तीय रिकॉर्ड के साथ काम करता है।

जियो IPO की बनावट और ढांचा

जियो के प्रस्तावित IPO के तहत अधिकतम 27 करोड़ (270 मिलियन) नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसे ‘फ्रेश इश्यू’ (Fresh Issue) कहा जाता है। इस प्रक्रिया में कंपनी अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए बिल्कुल नए शेयर जारी करती है, जबकि पुराने शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचते।

इस IPO से जुटने वाली रकम का इस्तेमाल ‘रिलायंस जियो इन्फोकॉम’ के बकाये कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

IPO के बाद भी बनी रहेगी रिलायंस इंडस्ट्रीज की मुख्य भूमिका

IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कुल हिस्सेदारी 66.43% थी। नए शेयर जारी होने के बाद भले ही यह प्रतिशत थोड़ा बदल जाए, लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज जियो प्लेटफॉर्म्स की मुख्य प्रमोटर ही बनी रहेगी।

रिलायंस की यह हिस्सेदारी जियो के भविष्य के विस्तार में उसके रणनीतिक भरोसे को दर्शाती है। साथ ही, इससे यह भी साफ होता है कि शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद भी जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी एक अलग पहचान और स्वतंत्र इकाई के रूप में काम करना जारी रखेगा।

जियो के कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन से जुड़ी मुख्य बातें

मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स के कुल ग्राहकों की संख्या 524 मिलियन (52.4 करोड़) से अधिक हो चुकी थी, जिनमें से 268 मिलियन ग्राहक 5G सेवाओं से जुड़े थे।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने ₹1,46,885 करोड़ का कुल राजस्व (Revenue) हासिल किया। इसी दौरान कंपनी का इबिटडा (EBITDA) ₹76,255 करोड़ रहा, जबकि इसका शुद्ध लाभ (PAT) ₹30,000 करोड़ के पार पहुंच गया।

ये सभी वित्तीय आंकड़े खासतौर पर जियो प्लेटफॉर्म्स के स्वतंत्र कारोबार से जुड़े हैं। इन्हें रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाकी अलग-अलग कारोबारों से होने वाली कुल कमाई के साथ मिलाकर नहीं देखा जाना चाहिए।

निष्कर्ष

जियो प्लेटफॉर्म्स अपने प्रस्तावित IPO में 27 करोड़ (270 मिलियन) नए इक्विटी शेयर जारी करने जा रहा है। इससे जुटाई गई राशि से रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज का बोझ कम किया जाएगा।

IPO से पहले कंपनी में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43% हिस्सेदारी थी और लिस्टिंग के बाद भी रिलायंस इसकी प्रमोटर बनी रहेगी। वित्त वर्ष 2026 में जियो के ग्राहकों का आंकड़ा 52.4 करोड़ (524 मिलियन) के पार पहुंच गया और कंपनी ने ₹1,46,885 करोड़ का शानदार राजस्व दर्ज किया।

प्रकाशित:: 13 Oct 2026, 4:42 pm IST

Team Angel One

Team Angel One is a group of experienced financial writers that deliver insightful articles on the stock market, IPO, economy, personal finance, commodities and related categories.

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