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अपने बहुप्रतीक्षित IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में अपने डिजिटल उत्पादों को मिल रही तेज़ी से बढ़ती स्वीकार्यता का खुलासा किया। इनमें उसकी क्लाउड स्टोरेज सेवा जियोAICloud भी शामिल है।
30 जून 2026 तक जियोAICloud के लगभग 66.0 मिलियन पंजीकृत उपयोगकर्ता थे। इस सेवा को 2024 में लॉन्च किया गया था, ताकि उपयोगकर्ता अपनी तस्वीरें, वीडियो, दस्तावेज़ और अन्य डिजिटल सामग्री को सुरक्षित तरीके से क्लाउड पर संग्रहीत कर सकें।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण और उपयोगकर्ता अनुभव
जियोAICloud की खासियत इसमें शामिल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सुविधाएँ हैं, जैसे चेहरों के आधार पर तस्वीरों को समूहों में बाँटना और स्मार्ट फोटो संपादन। इन सुविधाओं के जरिए उपयोगकर्ताओं को उनकी जरूरतों के अनुरूप बेहतर अनुभव मिलता है। इस तरह, यह सेवा केवल फाइलें संग्रहीत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्मार्ट डिजिटल साधन के रूप में भी काम करती है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के डिजिटल तंत्र के साथ तालमेल
जियोAICloud को जियो की व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी योजनाओं और मायजियो ऐप के साथ जोड़ा गया है। जून 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान मायजियो ऐप के औसत मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 227.6 मिलियन रही। इससे जियोAICloud को बड़ी संख्या में मौजूदा उपयोगकर्ताओं तक पहुँचने का एक मजबूत माध्यम मिलता है। साथ ही, इससे दूसरी सेवाओं की अतिरिक्त बिक्री के अवसर बढ़ते हैं और नए ग्राहक जोड़ने की लागत कम करने में मदद मिलती है।
परिचालन नेटवर्क और डिजिटल प्रगति
जियो की रणनीति का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाना और उसे कमाई में बदलना है। जियोAICloud जैसी सेवाओं का अधिक इस्तेमाल उपयोगकर्ताओं को कंपनी की अन्य सेवाओं की ओर भी आकर्षित करता है। इससे ग्राहक लंबे समय तक कंपनी के साथ जुड़े रहते हैं और प्रत्येक ग्राहक से मिलने वाला कुल मूल्य बढ़ता है।
निष्कर्ष
जियोAICloud का 66 मिलियन उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुस्तरीय राजस्व मॉडल की सफलता को दर्शाता है। यह उपलब्धि दिखाती है कि कंपनी अपने विशाल कनेक्टिविटी उपयोगकर्ता आधार का लाभ उठाकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डिजिटल सेवाओं के जरिए कमाई के अवसर विकसित कर रही है।
प्रकाशित:: 20 Oct 2026, 2:43 am IST

Team Angel One
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