Angel One - Share Market Trading and Stock Broking
Skip to main content

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO से जुटाए गए फंड से करीब ₹27,000 करोड़ का कर्ज चुकाएगी

द्वारा लिखित: Team Angel Oneअपडेट किया गया: 16 Oct 2026, 5:31 pm IST
रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स IPO से मिलने वाली राशि लगभग ₹27,000 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करना चाहती है। इससे कंपनी को सालाना ब्याज के तौर पर लगभग ₹2,000 करोड़ की बचत हो सकती है, जिससे उसका मुनाफा भी बढ़ेगा।
JIO IPO
शेयर करें

फर्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के जरिए मिलने वाले पैसों से करीब ₹27,000 करोड़ का कर्ज चुकाने की योजना बना रही है।

कंपनी के इस रणनीतिक कदम से उसकी वित्तीय लागत कम होगी, वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और मुनाफे में सुधार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, जियो प्लेटफॉर्म्स अपने 5G निवेश से कमाई बढ़ाने और आमदनी के नए रास्ते तलाशने पर भी पूरा ध्यान दे रही है।

जियो प्लेटफॉर्म्स का कर्ज चुकाना और फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी

जियो प्लेटफॉर्म्स अपने IPO से मिलने वाले फंड से लगभग ₹27,500 करोड़ का कर्ज चुकाने की योजना बना रही है। इस कदम से कंपनी को हर साल ब्याज के रूप में करीब ₹2,000 करोड़ की बचत हो सकती है।

इस पहल से कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त होने की स्थिति में आ सकती है, जिससे उसे भविष्य की विकास योजनाओं के लिए और अधिक वित्तीय मजबूती और स्वतंत्रता मिलेगी।

जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए कर्ज चुकाना क्यों जरूरी है?

रिपोर्ट के अनुसार, टेलीकॉम सेक्टर में नेटवर्क फैलाने और नई तकनीक अपनाने के लिए भारी-भरकम निवेश की जरूरत होती है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने 5G नेटवर्क में लगभग सारा निवेश पूरा कर लिया है, इसलिए अब कंपनी का पूरा फोकस अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने पर है।

कर्ज का बोझ कम होने से कंपनी के पास कैश फ्लो में सुधार होगा। इसके अलावा, आने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी को कर्ज पर बहुत ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

कमाई और मुनाफे पर इसका असर

कर्ज चुकाने से जियो प्लेटफॉर्म्स को ब्याज का खर्च घटाने और मूलधन चुकाने के बाद कैश फ्लो को मजबूती मिलेगी। ब्याज का खर्च कम होने से उसके प्री-टैक्स प्रॉफिट (कर-पूर्व मुनाफे) में सीधा सुधार होगा, जिससे नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) बढ़ने की भी पूरी संभावना है। हालांकि, प्रति शेयर आय (EPS) पर इसका क्या असर होगा, यह IPO के बाद कंपनी के कुल शेयरों की संख्या पर निर्भर करेगा।

आमदनी के नए जरियों की तलाश

कर्ज कम करने के साथ-साथ, जियो प्लेटफॉर्म्स टेक्नोलॉजी के निर्यात (एक्सपोर्ट) से कमाई के नए विकल्प भी तलाश रही है। यदि कंपनी का टेक-एक्सपोर्ट वर्टिकल रफ्तार पकड़ता है, तो कोर टेलीकॉम कारोबार के इतर यह आय का नया जरिया बन सकता है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इन नए बिजनेस का दायरा कितना बढ़ता है, उनका प्रॉफिट मार्जिन कैसा रहता है और वे कितनी तेजी से नए ग्राहक जोड़ पाते हैं।

निष्कर्ष

जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO से मिलने वाले पैसों से करीब ₹27,000 करोड़ का कर्ज चुकाने की रणनीति से सालाना ब्याज खर्च में लगभग ₹2,000 करोड़ की बचत हो सकती है। इससे नकदी प्रवाह बेहतर होगा और मुनाफा बढ़ने के पूरे आसार हैं। इसके अलावा, टेक्नोलॉजी के निर्यात से जुड़े नए मौके कंपनी को भविष्य में आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त रास्ते भी मुहैया कराएंगे।

प्रकाशित:: 16 Oct 2026, 5:30 pm IST

Team Angel One

Team Angel One is a group of experienced financial writers that deliver insightful articles on the stock market, IPO, economy, personal finance, commodities and related categories.

Know More

Open Free Demat Account!

Join our 3.8 Cr+ happy customers

+91
Enjoy Zero Brokerage on Equity Delivery
10 Cr+DOWNLOADS

Enjoy ₹0 Account Opening Charges

Get the link to download the App

Scan this QR code to download the app
Get it on Google PlayDownload on the App Store