जियो प्लेटफॉर्म्स ने दाखिल कीं 7,220 पेटेंट अर्जियां, वैश्विक टॉप 20 में शामिल होने वाली इकलौती भारतीय कंपनी!

समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO प्रॉस्पेक्टस से पता चलता है कि कंपनी ने 30 जून, 2026 तक भारत और विदेशों में कुल 7,220 पेटेंट अर्जियां दाखिल की थीं।
आकाश अंबानी ने 15 अक्टूबर, 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आंकड़ा साझा किया। इससे एक दिन पहले कंपनी ने अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (WIPO) की 2025 की पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी रैंकिंग में शीर्ष 20 आवेदकों में शामिल होने वाली जियो इकलौती भारतीय कंपनी थी।
टेलीकॉम कारोबार और भविष्य की योजनाएं
जियो के ग्राहकों की संख्या लगभग 530 मिलियन है और कंपनी भारत के 60% से अधिक डेटा ट्रैफिक को संभालती है। प्रति ग्राहक औसत मासिक डेटा खपत बढ़कर 43.7 GB हो गई है। अंबानी ने बताया कि FY26 तक डेटा की कीमत ₹228 प्रति GB से घटकर ₹7.50 प्रति GB रह गई थी।
कंपनी ने तीन साल पहले 5G सेवाएं शुरू की थीं और तब से चीन के बाहर सबसे बड़ा 5G सब्सक्राइबर बेस तैयार कर लिया है। अब कंपनी का अगला फोकस 6G पर है। अंबानी ने कहा कि जियो पूरी तरह से नया नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के बजाय सॉफ्टवेयर अपग्रेड के जरिए यह तकनीक शुरू करना चाहती है।
जियो AI सेवाओं पर भी काम कर रही है। इनमें 12 भारतीय भाषाओं में कॉल समरी और ट्रांसक्रिप्शन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कंपनी की विस्तार योजनाओं में होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सेवाएं और अंतरराष्ट्रीय बाजार भी शामिल हैं। अंबानी ने बताया कि भारत की 65% बैंक शाखाएं जियो से जुड़ी हुई थीं।
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की जानकारी और रकम का इस्तेमाल
IPO में सब्सक्रिप्शन 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर, 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख 19 अक्टूबर, 2026 तय की गई है।
कंपनी ने IPO के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। ऊपरी प्राइस बैंड पर जियो प्लेटफॉर्म्स ₹30,213 करोड़ जुटा सकती है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ होगा।
अंबानी ने कहा कि कंपनी नेट डेट-फ्री बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है और IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। यह IPO ऐसे समय में आ रहा है, जब जियो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। वित्त वर्ष 2031 (FY31) तक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
निष्कर्ष
इस IPO के जरिए अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाई जाएगी और इससे मिलने वाली रकम कर्ज चुकाने के लिए निर्धारित की गई है। जियो की पेटेंट अर्जियां और नेटवर्क संचालन से जुड़ी जानकारी भी शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले कंपनी द्वारा किए गए खुलासों का हिस्सा हैं।
प्रकाशित:: 19 Oct 2026, 5:27 pm IST

Team Angel One
- IPO से पहले रिलायंस जियो की 31.4 करोड़ नए ग्राहक जोड़ने की योजना
- जियो प्लेटफॉर्म्स ने दाखिल कीं 7,220 पेटेंट अर्जियां, वैश्विक टॉप 20 में शामिल होने वाली इकलौती भारतीय कंपनी!
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