Angel One - Share Market Trading and Stock Broking
Skip to main content

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से पहले जियो एयरफाइबर की रणनीति: FWA और UBR के जरिए ग्राहक अधिग्रहण लागत (CAC) घटाना और प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) बढ़ाना

द्वारा लिखित: Team Angel Oneअपडेट किया गया: 16 Oct 2026, 5:37 pm IST
भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में ब्रॉडबैंड की पहुँच बढ़ाने, ग्राहक जोड़ने की लागत (CAC) को कम करने और प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) बढ़ाने के लिए जियो एयरफाइबर, FWA और UBR तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है।
Apply Reliance JIO IPO
शेयर करें

जियो एयरफाइबर, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और अनलाइसेंस्ड बैंड रेडियो (UBR) तकनीक के ज़रिए भारत में ब्रॉडबैंड सेवाएँ उपलब्ध कराने के तरीके को बदल रहा है।

यह तरीका पारंपरिक फाइबर नेटवर्क बिछाने से जुड़ी चुनौतियों को दूर करता है और जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से पहले तेज़ और किफायती इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद करता है।

UBR तकनीक: ब्रॉडबैंड नेटवर्क विस्तार का नया तरीका

जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारतीय बाज़ार में UBR तकनीक पेश की है, जिससे फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवाओं के क्षेत्र में उसे रणनीतिक बढ़त मिलती है। UBR के ज़रिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचा तैयार किए बिना तेज़ी से और कम लागत पर वायरलेस इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा सकती है।

31 मार्च 2026 तक जियो के जियो एयरफाइबर ग्राहकों की संख्या 1.29 करोड़ थी। इस दौरान देश में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के कुल नए ग्राहकों में जियो की हिस्सेदारी 67.56% रही। वित्त वर्ष 2026 में ब्रॉडबैंड के 1.42 करोड़ नए उपयोगकर्ताओं में से 98 लाख उपयोगकर्ता FWA के ज़रिए जुड़े।

ग्राहक जोड़ने की लागत (CAC) का प्रबंधन

जियो ग्राहक जोड़ने की लागत (CAC) को नियंत्रित करने के लिए एक व्यवस्थित लागत परिशोधन मॉडल अपनाता है, जिसमें खर्च को ग्राहकों से मिलने वाले मूल्य के अनुरूप रखा जाता है। वित्त वर्ष 2026 में बिक्री और वितरण पर होने वाला खर्च 23.54% बढ़कर ₹4,564.8 करोड़ हो गया, जो ग्राहक जोड़ने की लागत में वृद्धि को दर्शाता है।

UBR तकनीक शुरुआती खर्च को कम करती है, जिससे ग्राहकों को जोड़ने पर किए गए निवेश से बेहतर रिटर्न हासिल करने में मदद मिलती है।

जियो एयरफाइबर का प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) बढ़ाने में योगदान

प्रीमियम कॉम्बिनेशन प्लान्स और डिजिटल सेवाओं के ज़रिए जियो एयरफाइबर प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। मार्च 2026 में जियो का ARPU बढ़कर ₹214.0 हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह ₹206.2 था।

यह सेवा छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) के ऐसे बाज़ार पर भी ध्यान केंद्रित करती है, जहाँ ब्रॉडबैंड की पहुँच अभी सीमित है। इन ग्राहकों को बड़े उद्यमों के स्तर की कनेक्टिविटी और अधिक लाभ मार्जिन वाली डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। जियो विभिन्न सेवाओं का एकीकृत नेटवर्क देकर ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखता है। वित्त वर्ष 2026 में इसकी मासिक ग्राहक छोड़ने की दर 1.67% पर स्थिर और कम रही।

निष्कर्ष

UBR तकनीक से लैस जियो एयरफाइबर ब्रॉडबैंड की पहुँच बढ़ाने के साथ ग्राहक जोड़ने की लागत (CAC) को कम करने में मदद करता है। 1.29 करोड़ ग्राहकों और 67.56% बाज़ार हिस्सेदारी के साथ, यह प्रीमियम सेवाओं और छोटे व मध्यम उद्यमों (SME) पर ध्यान केंद्रित करके प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) में वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

प्रकाशित:: 16 Oct 2026, 5:33 pm IST

Team Angel One

Team Angel One is a group of experienced financial writers that deliver insightful articles on the stock market, IPO, economy, personal finance, commodities and related categories.

Know More

Open Free Demat Account!

Join our 3.8 Cr+ happy customers

+91
Enjoy Zero Brokerage on Equity Delivery
10 Cr+DOWNLOADS

Enjoy ₹0 Account Opening Charges

Get the link to download the App

Scan this QR code to download the app
Get it on Google PlayDownload on the App Store