IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स को AI-आधारित डिजिटल कारोबार बनाने में कैसे मदद कर रहा है JioBrain?

अपने बहुप्रतीक्षित IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) से पता चलता है कि कंपनी अपनी इन-हाउस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग क्षमताओं के दम पर AI-आधारित डिजिटल सेवा कंपनी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
इस बदलाव के केंद्र में JioBrain है, जो कंपनी का अपना AI इंजन है। इसे नेटवर्क संचालन, ग्राहक जुड़ाव और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में व्यापक रूप से शामिल किया जा रहा है।
जियो प्लेटफॉर्म्स: ऑटोनॉमस नेटवर्क ऑपरेशंस
JioBrain नेटवर्क से जुड़े अहम कार्यों में स्वचालित निर्णय लेने में मदद करता है। इनमें नेटवर्क क्षमता का आवंटन, तकनीकी खराबियों का पूर्वानुमान और उनका समाधान, साथ ही रियल-टाइम नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन शामिल हैं।
कंपनी का पूरा सेल टावर नेटवर्क एंटीना के झुकाव को अपने आप और दूर से अनुकूलित करने वाली प्रणाली पर काम करता है। यह प्रणाली नेटवर्क लोड को संतुलित करने के लिए जरूरत के अनुसार खुद को समायोजित करती है।
AI पर आधारित इस ऑटोमेशन की मदद से जियो डेटा ट्रैफिक में बड़ी वृद्धि को संभाल पा रही है। वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच डेटा ट्रैफिक में 27.50% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई। इसके बावजूद कंपनी परिचालन दक्षता बनाए रखने और 1 GB डेटा ट्रांसमिट करने की औसत लागत को उद्योग के औसत से नीचे रखने में सक्षम है।
जियो प्लेटफॉर्म्स: AI से बेहतर ग्राहक अनुभव
AI का इस्तेमाल सीधे ग्राहक सेवाओं में भी किया जा रहा है। 30 जून 2026 को समाप्त तीन महीनों के दौरान जियो की 84% ग्राहक सेवा संबंधी रिक्वेस्ट का समाधान सेल्फ-सर्विस या AI की मदद से किए जाने वाले वर्कफ्लो के जरिए किया गया।
इससे नेटवर्क संबंधी समस्याओं, रिचार्ज, बिलिंग और अकाउंट मैनेजमेंट जैसे नियमित मामलों में अधिकांश समस्याओं का समाधान तीन घंटे से भी कम समय में हो सका। इसके अलावा, कंपनी का HelloJio वॉइस असिस्टेंट 12 भारतीय भाषाओं में काम करता है, जिससे ग्राहकों को उनकी भाषा में सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
जियो प्लेटफॉर्म्स: एंटरप्राइज AI और रणनीतिक साझेदारियां
आंतरिक परिचालन को बेहतर बनाने के अलावा, जियो अपनी AI क्षमताओं से कारोबार के क्षेत्र में भी कमाई कर रही है। कंपनी सब्सक्रिप्शन और उपयोग के आधार पर भुगतान वाले मॉडल के तहत पूर्वानुमान, ऑटोमेशन और नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन के लिए JioBrain एंटरप्राइज सुइट उपलब्ध कराती है।
इसके अलावा, जियो, Reliance Intelligence Limited और Meta Platforms Inc. की एक सहायक कंपनी के बीच संयुक्त उद्यम Reliance Enterprise Intelligence Limited के साथ साझेदारी कर रही है। इस साझेदारी का उद्देश्य पूरे भारत में कारोबारों तक एंटरप्राइज AI प्रोडक्ट्स पहुंचाना है।
निष्कर्ष
अपने 533.3 मिलियन ग्राहकों के विशाल डेटा का उपयोग करके जियो प्लेटफॉर्म्स एक ऐसा AI फ्लाईव्हील तैयार कर रही है, जिसमें AI का इस्तेमाल और उससे मिलने वाले परिणाम एक-दूसरे को लगातार मजबूत करते हैं। इससे कंपनी एक मजबूत AI-आधारित टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के रूप में उभर रही है, जो IPO के बाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है।
प्रकाशित:: 20 Oct 2026, 5:53 am IST

Team Angel One
- रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स IPO को पहले दिन 3.16 गुना सब्सक्रिप्शन, (QIB) कैटेगरी से सबसे ज्यादा मांग
- रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स IPO को 21 अक्टूबर 2026 को खुलने के कुछ ही घंटों के भीतर मिला पूरा सब्सक्रिप्शन
- रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के लिए आज (21 अक्टूबर, 2026) से अभिदान शुरू: जानें प्रमुख जानकारियाँ
- रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का सब्सक्रिप्शन कल (21 अक्टूबर, 2026) से शुरू होगा: जानें प्रमुख विवरण
- IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स के मुनाफे में दूरसंचार कारोबार की हिस्सेदारी करीब 94%
संबंधित लेख
- रिसर्च
- शेयर मार्केट
- पर्सनल फाइनेंस
- मार्केट अपडेट्स
- शेयर मार्केट
- फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस
- ग्लोबल मार्केट
- कमोडिटीज़
- टैक्सेशन
- प्रोडक्ट अपडेट्स
- बजट
- आईपीओज़
- म्यूचुअल फंड्स
- अर्थव्यवस्था
- मार्केट मास्टर्स
- अर्थव्यवस्था
- अन्य
- बॉन्ड्स
- ग्लोबल स्टॉक
- ट्रेडिंग
- इंश्योरेंस
- खर्चे
- निवेश
- क्रूड ऑयल
- टाटा आईपीएल
- गॉवर्नमेंट स्किम्स
- स्टॉक्स
- अनलिस्टेड कंपनियां




