FY24-26 के बीच 36% घटा Jio Platforms का 'कैश कैपेक्स': IPO पर क्या पड़ेगा असर?

जियो के IPO से पहले निवेशक कंपनी की वित्तीय स्थिति का आकलन करने के लिए उसके वित्तीय आंकड़ों पर नजर डाल रहे हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का कैश कैपेक्स (Cash Capex) वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2026 के बीच लगभग 36% घट गया। वहीं, इसी अवधि में परिचालन से होने वाला राजस्व 34.1%, एबिटडा (EBITDA) 38.8% और परिचालन गतिविधियों से प्राप्त शुद्ध नकदी प्रवाह 34.5% बढ़ा।
इस लेख में हम कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान उसके पूंजीगत खर्च में आए बदलावों पर करीब से नजर डालेंगे।
जियो का कैश कैपेक्स ₹53,509 करोड़ से घटकर ₹34,184 करोड़ हुआ
जियो प्लेटफॉर्म्स की ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, कैश कैपेक्स वित्त वर्ष 2024 में ₹53,509.6 करोड़ था। वित्त वर्ष 2025 में यह घटकर ₹44,268 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹34,184.3 करोड़ रह गया। इस गिरावट के साथ नेटवर्क विकास से जुड़े भारी निवेश के दौर में भी कमी आई, जिसमें 5G बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल है।
विवरणिका में दी गई परिभाषा के अनुसार, कैश कैपेक्स में संपत्ति, संयंत्र और उपकरण, स्पेक्ट्रम तथा अन्य अमूर्त परिसंपत्तियों पर किया गया नकद खर्च शामिल है। इसमें से परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त रकम घटा दी जाती है।
पूंजीगत खर्च में कमी के बीच राजस्व और परिचालन कमाई में बढ़ोतरी
FY24 से FY26 के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार हुआ। इस दौरान राजस्व और ब्याज, कर, मूल्यह्रास तथा परिशोधन से पहले की कमाई (EBITDA) दोनों बढ़े। साथ ही, EBITDA मार्जिन में भी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कैश कैपेक्स घटने के साथ EBITDA में से कैश कैपेक्स घटाने के बाद बची रकम में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
| वित्तीय मापदंड | वित्त वर्ष 2024 | वित्त वर्ष 2025 | वित्त वर्ष 2026 |
| परिचालन से राजस्व (₹ करोड़) | 1,09,558.1 | 1,28,218.4 | 1,46,885.3 |
| (EBITDA), ₹ करोड़ | 54,958.7 | 64,170.0 | 76,255.4 |
| EBITDA मार्जिन (%) | 50.16% | 50.05% | 51.91% |
| EBITDA - कैपेक्स (₹ करोड़) | 1,449.1 | 19,902.0 | 42,071.1 |
वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2026 के बीच परिचालन से राजस्व लगभग 34.1% बढ़ा, जबकि EBITDA में करीब 38.8% की वृद्धि हुई। EBITDA मार्जिन भी 50.16% से बढ़कर 51.91% हो गया। इससे पता चलता है कि राजस्व के मुकाबले परिचालन लाभप्रदता में सुधार हुआ।
इस बीच, EBITDA में से कैश कैपेक्स घटाने के बाद बची रकम ₹1,449.1 करोड़ से बढ़कर ₹42,071.1 करोड़ हो गई। इस बढ़ोतरी के पीछे EBITDA में वृद्धि और कैश कैपेक्स में कमी, दोनों की भूमिका रही।
कैश कैपेक्स में कमी से नकदी प्रवाह पर क्या असर पड़ा?
वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स का कैश कैपेक्स घटा, जबकि परिचालन नकदी प्रवाह और पूंजीगत खर्च के बाद बची रकम में बढ़ोतरी हुई। नीचे दिए गए आंकड़ों से यह रुझान स्पष्ट होता है।
| वित्तीय मापदंड | वित्त वर्ष 2024 (₹ करोड़) | वित्त वर्ष 2025 (₹ करोड़) | वित्त वर्ष 2026 (₹ करोड़) |
| कैश कैपेक्स | 53,509.6 | 44,268.0 | 34,184.3 |
| परिचालन गतिविधियों से शुद्ध नकदी प्रवाह | 57,661.6 | 68,155.7 | 77,556.3 |
| EBITDA - कैपेक्स (₹ करोड़) | 1,449.1 | 19,902.0 | 42,071.1 |
| नेट डेट टू EBITDA | 0.88x | 0.71x | 0.36x |
कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि जियो ने पूंजीगत खर्च में कमी के साथ परिचालन गतिविधियों से अधिक नकदी प्रवाह हासिल किया। इससे कैश कैपेक्स के बाद उपलब्ध रकम में भी बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, EBITDA में से कैश कैपेक्स घटाने के बाद बची रकम कंपनी द्वारा रिपोर्ट किया जाने वाला एक वित्तीय मापदंड है। इसे पारंपरिक मुक्त नकदी प्रवाह (Free Cash Flow) नहीं माना जा सकता। भविष्य में कंपनी कितना नकदी प्रवाह उत्पन्न कर पाएगी, यह उसके परिचालन प्रदर्शन और निवेश की जरूरतों पर निर्भर करेगा।
जियो IPO की मुख्य जानकारी
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से ₹37,700 करोड़ जुटाए जाने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, शेयरों का प्राइस बैंड (Price Band) ₹1,150 से ₹1,220 प्रति शेयर है। प्रस्तावित निर्गम में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर शामिल हैं और इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत कोई शेयर नहीं बेचा जाएगा। प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य ₹10 है।
विवरणिका के अनुसार, प्रस्तावित IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा उसकी महत्वपूर्ण सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के कुछ कर्जों का समय से पहले भुगतान करने या उन्हें चुकाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, रकम का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी किया जाएगा। भविष्य में नकदी प्रवाह कंपनी के परिचालन प्रदर्शन और पूंजी निवेश की जरूरतों पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
जियो प्लेटफॉर्म्स के कैश कैपेक्स में गिरावट और परिचालन नकदी प्रवाह में बढ़ोतरी से पता चलता है कि प्रस्तावित IPO से पहले कंपनी की नकदी उत्पन्न करने की क्षमता में सुधार हुआ है। हालांकि, इस रुझान को बनाए रखना भविष्य में कारोबार की वृद्धि और निवेश की जरूरतों पर निर्भर करेगा।
प्रकाशित:: 16 Oct 2026, 5:20 pm IST

Team Angel One
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