क्या रिलायंस जियो के आईपीओ में शेयरधारक कोटा पाने के लिए अभी भी RIL के शेयर खरीदे जा सकते हैं?

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम इकाई, रिलायंस जियो का यह आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 से खुलने की उम्मीद है। ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 3.8 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
इस पब्लिक इश्यू में शेयरधारक कोटा भी शामिल है। इसके ज़रिए रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के योग्य शेयरधारकों को इस मेगा आईपीओ में हिस्सेदारी हासिल करने का सीधा मौका मिलेगा।
शेयरधारक कोटा और पात्रता की शर्तें
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में शेयरधारकों के लिए आरक्षित इस कोटे का लाभ उठाने की समय-सीमा तय होगी। अगर आप इस कोटे के तहत बोली लगाना चाहते हैं, तो आपको 'रिकॉर्ड डेट' (Record Date) का खास ध्यान रखना होगा। इस तारीख से पहले Demat या डिमैट खाते में RIL के शेयर होना अनिवार्य है।
ड्राफ्ट कागजातों (DRHP) के मुताबिक, इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs), रिटेल इन्वेस्टर्स और पात्र कर्मचारियों के लिए शेयर आरक्षित रहेंगे। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारक भी शामिल हैं। हालांकि, पात्रता से जुड़ी सटीक शर्तें फाइनल प्रॉस्पेक्टस (Red Herring Prospectus) आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएंगी।
ज़रूरी तारीखें और आईपीओ से जुड़ी जानकारी
यह आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 28 अक्टूबर 2026 तक इसके शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग होने की संभावना है। रिलायंस जियो ₹10 के फेसवैल्यू पर अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर (Fresh Issue) जारी करने की योजना बना रही है। इस इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में किया जाएगा।
कंपनी का ढांचा और वित्तीय पृष्ठभूमि
जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43% हिस्सेदारी है। इसके अलावा मेटा की सहयोगी कंपनी ‘जादू होल्डिंग्स’ के पास 9.98% और गूगल इंटरनेशनल के पास 7.73% हिस्सेदारी है।
वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी ने ₹1.47 लाख करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू और ₹30,049 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) दर्ज किया था। वहीं, 31 मार्च 2026 तक पूरे देश में जियो के ग्राहकों की संख्या 524.4 मिलियन (लगभग 52.44 करोड़) पहुंच चुकी थी।
शेयरधारकों के लिए निवेश का मौका
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारक जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में तय ‘शेयरधारक श्रेणी’ के तहत आवेदन करने के योग्य होंगे। इस कैटेगरी में बोली लगाने की अधिकतम सीमा ₹2 लाख तय की गई है। हालांकि, पात्रता तय करने वाली आधिकारिक ‘कट-ऑफ डेट’ की घोषणा होना अभी बाकी है।
कट-ऑफ डेट निकलने के बाद अगर कोई RIL के शेयर खरीदता है, तो वह शेयरधारक कोटे के तहत आवेदन करने के लिए योग्य नहीं माना जाएगा। इस व्यवस्था के तहत योग्य निवेशकों को अप्लाई करने का एक अलग विकल्प मिलेगा। हालांकि, रिजर्व कैटेगरी में भी शेयरों का आवंटन (Allotment) पूरी तरह से निवेशकों की मांग पर ही निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
3.8 अरब डॉलर के विशाल मूल्य वाले रिलायंस जियो के IPO में RIL के शेयरधारकों को आरक्षित कोटे के माध्यम से निवेश का बेहतरीन मौका मिलेगा। कंपनी 21 अक्टूबर 2026 को अपना IPO लाने की योजना बना रही है और इस नए इश्यू से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल अपने पुराने कर्ज को चुकाने के लिए करेगी, जो कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
प्रकाशित:: 14 Oct 2026, 1:03 am IST

Team Angel One
- प्रारूप विवरण-पत्र दाखिल (DRHP) करने से लेकर अक्टूबर में प्रस्तावित शुरुआत तक, जियो आईपीओ से जुड़े अब तक के अहम घटनाक्रम
- जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO: प्रमोटर, निवेशक और सार्वजनिक शेयरधारिता की पूरी जानकारी
- क्या रिलायंस जियो के आईपीओ में शेयरधारक कोटा पाने के लिए अभी भी RIL के शेयर खरीदे जा सकते हैं?
- जियो प्लेटफॉर्म्स IPO और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच क्या है संबंध?
- जियो प्लेटफॉर्म्स IPO: संभावित इश्यू प्राइस और लिस्टिंग की तारीख से जुड़ी अहम जानकारी
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