जियो प्लेटफॉर्म्स IPO से पहले 5G उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 285 मिलियन के पार

14 अक्टूबर 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने प्रस्तावित IPO के लिए प्रारंभिक विवरण पुस्तिका (Red Herring Prospectus यानी RHP) दाखिल की। इसमें देश के डिजिटल कनेक्टिविटी क्षेत्र में कंपनी की मजबूत उपस्थिति को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है।
कंपनी की सहायक इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के पास 30 जून 2026 तक 284.9 मिलियन 5G ग्राहक थे।
इसके साथ जियो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा 5G ग्राहक आधार रखने वाली कंपनी बन गई है। कंपनी ने विश्व स्तर पर सबसे तेज़ 5G नेटवर्क का विस्तार करते हुए महज 15 महीनों में पूरे भारत में अपनी सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की।
5G में नेतृत्व और नेटवर्क का विस्तार
वित्त वर्ष 2026 में भारत के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का लगभग 60% हिस्सा जियो के नेटवर्क के जरिए संचालित हुआ। 30 जून 2026 तक जियो भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में शीर्ष पर था। देश के दूसरे सबसे बड़े ऑपरेटर की तुलना में जियो के 4G और 5G ग्राहकों की संख्या 1.4 गुना अधिक थी।
स्पेक्ट्रम और बुनियादी ढाँचा
जियो के पास 26,800.8 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम है, जिसकी औसतन शेष अवधि लगभग 15.8 वर्ष है। भारत में जियो अकेला ऐसा ऑपरेटर है, जिसके पास सभी दूरसंचार सर्किलों में 5G सेवाओं के लिए निम्न आवृत्ति बैंड, मध्यम आवृत्ति बैंड और मिलीमीटर वेव बैंड (700 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज) का स्पेक्ट्रम उपलब्ध है। इससे घरों के भीतर बेहतर नेटवर्क कवरेज और उच्च क्षमता वाली स्थिर वायरलेस इंटरनेट सुविधा मिलती है।
नेटवर्क संचालन और डिजिटल प्रगति
जियो का वायरलेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क भारत की 99% से अधिक आबादी को कवर करता है। कंपनी ने अपनी स्वदेशी, संपूर्ण 5G स्टैंडअलोन (SA) नेटवर्क तकनीक विकसित की है। इसके साथ ही भारत दुनिया का पाँचवाँ ऐसा देश बन गया है, जिसके पास अपनी खुद की 5G तकनीक विकसित करने की क्षमता है।
निष्कर्ष
जियो प्लेटफॉर्म्स का मजबूत 5G बुनियादी ढाँचा, ग्राहकों द्वारा बड़े पैमाने पर इसकी सेवाओं को अपनाना और नेटवर्क का लगातार होता विस्तार कंपनी को डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाते हैं। ये सभी कारक कंपनी के आगामी IPO के लिए एक मजबूत आधार तैयार करते हैं।
प्रकाशित:: 20 Oct 2026, 2:29 am IST

Team Angel One
- IPO से पहले रेवेन्यू डायवर्सिफिकेशन पर NSE की नजर; ऑप्शंस ट्रेडिंग के इतर SIFs, कमोडिटीज और ETFs पर बढ़ाएगा फोकस
- NSE IPO: एंकर बुक ₹6,000 करोड़ के पार, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह
- IPO से पहले NSE को UPI MDR शुल्क के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम में अस्थायी असर की आशंका
- jioaicloud-crosses-66-million-registered-users-ahead-of-jio-platforms-ipo
- IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स की कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड सेवाएं बनीं विकास का अगला बड़ा आधार
संबंधित लेख
- रिसर्च
- शेयर मार्केट
- पर्सनल फाइनेंस
- मार्केट अपडेट्स
- शेयर मार्केट
- फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस
- ग्लोबल मार्केट
- कमोडिटीज़
- टैक्सेशन
- प्रोडक्ट अपडेट्स
- बजट
- आईपीओज़
- म्यूचुअल फंड्स
- अर्थव्यवस्था
- मार्केट मास्टर्स
- अर्थव्यवस्था
- अन्य
- बॉन्ड्स
- ग्लोबल स्टॉक
- ट्रेडिंग
- इंश्योरेंस
- खर्चे
- निवेश
- क्रूड ऑयल
- टाटा आईपीएल
- गॉवर्नमेंट स्किम्स
- स्टॉक्स
- अनलिस्टेड कंपनियां




