सोना पर क्यों है 3% जीएसटी जबकि जीएसटी 2.0 में दरें हैं 5% और 18%

सितंबर 2025 की शुरुआत में घोषित जीएसटी 2.0 के तहत काउंसिल ने दरों को 5% और 18% में सरल किया और सिन व लग्ज़री वस्तुओं पर 40% कर लगाया। इसके बावजूद सोना-चांदी पर धातु मूल्य पर 3% और आभूषण के निर्माण शुल्क पर 5% जीएसटी बरकरार रखा गया, ताकि बुलियन कराधान में निरंतरता और संवेदनशीलता बनी रहे।
कीमती धातुओं के लिए विशेष श्रेणी
सोना और चांदी परंपरागत रूप से संवेदनशील वस्तुएं मानी गई हैं, इसलिए जीएसटी काउंसिल ने धातु पर 3% की समर्पित दर बनाए रखी। उद्देश्य यह था कि राजस्व संतुलित रहे और ऊँची दर से अवैध व्यापार (स्मगलिंग) न बढ़े। यह स्थिर कर दर त्योहार और शादी के मौसम से पहले स्पष्टता देती है, जब भारत में सोने-चांदी की मांग सांस्कृतिक रूप से अधिक होती है।
आभूषण पर कर कैसे लगता है
आभूषण खरीद दो हिस्सों में विभाजित होती है: धातु के मूल्य पर 3% जीएसटी और निर्माण शुल्क पर 5% जीएसटी। यह श्रम सेवा को अलग मानता है और पूरे आभूषण को ऊँचे टैक्स स्लैब में नहीं धकेलता। आधिकारिक एफएक्यू और सेक्टोरल गाइडेंस लगातार इस संरचना को दर्शाते हैं।
आगे पढ़े: त्योहार से पहले जीएसटी काउंसिल ने सोना-चांदी की दरें स्थगित कर 3% पर बरकरार रखीं!
सोने को 5% पर क्यों नहीं लाया गया
दर संरचना को सरल बनाने के बावजूद काउंसिल ने बुलियन पर दरें नहीं बदलीं। कारण हैं: मांग की संवेदनशीलता, उद्योग जगत की सिफारिशें और स्मगलिंग को रोकना। अगर दरें बढ़तीं तो अवैध आयात बढ़ सकता था। मीडिया रिपोर्ट और आधिकारिक नोट्स बताते हैं कि जीएसटी 2.0 के तहत सोने की ईंटें, सिक्के और आभूषण अभी भी धातु मूल्य पर 3% और निर्माण शुल्क पर 5% पर कर योग्य हैं।
सोना मूल्य भंडारण के रूप में
सोना केवल उपभोग की वस्तु नहीं बल्कि मूल्य संग्रहण और घरेलू संपत्ति का साधन है। यही कारण है कि इसे जीएसटी 2.0 में भी विशेष श्रेणी में रखा गया। इससे खरीदारों के लिए मूल्य स्थिर रहता है और 2017 में शुरू हुए मूल जीएसटी प्रावधानों की निरंतरता बनी रहती है।
निष्कर्ष
भले ही जीएसटी 2.0 ने दरों को 5% और 18% में सरल किया हो और सिन व लग्ज़री वस्तुओं के लिए 40% का नया बैंड लाया हो, बुलियन पर कर 3% (धातु मूल्य पर) और 5% (निर्माण शुल्क पर) ही रखा गया है। यह नीति सांस्कृतिक महत्व, मांग की संवेदनशीलता और प्रवर्तन संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इससे त्योहार और शादी जैसे खरीदारी के चरम समय पर स्थिरता बनी रहती है।
अस्वीकरण: यह ब्लॉग केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। उल्लिखित प्रतिभूतियां केवल उदाहरण हैं और सिफारिशें नहीं हैं। यह व्यक्तिगत सिफारिश/निवेश सलाह नहीं है। इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या संस्था को निवेश निर्णय लेने के लिए प्रभावित करना नहीं है। प्राप्तकर्ताओं को निवेश निर्णय लेने के बारे में एक स्वतंत्र राय बनाने के लिए अपना शोध और आकलन करना चाहिए।
प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं, निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।
प्रकाशित:: 8 Sept 2025, 6:22 pm IST

Team Angel One
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