
केंद्र सरकार ने FY27 से शुरू होने वाले ₹5,925 करोड़ के आवंटन के साथ भारत के कोयला और लिग्नाइट अन्वेषण कार्यक्रम के बड़े विस्तार को मंजूरी दी है|
यह फंडिंग भूवैज्ञानिक कवरेज बढ़ाने, दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा को मजबूत करने और बढ़ती बिजली एवं औद्योगिक मांग का समर्थन करने पर केन्द्रित है|
यह निवेश कोयला और लिग्नाइट अन्वेषण के लिए केंद्रीय क्षेत्र योजना के माध्यम से लगाया जाएगा और इससे संभावित भूभाग के अतिरिक्त 1,845 वर्ग किमी में विस्तृत सर्वेक्षण संभव होने की उम्मीद है|
यह विस्तार भंडार की दृश्यता सुधारने, खदान योजना को तेज करने और भविष्य की वाणिज्यिक एवं कैप्टिव माइनिंग के लिए उपलब्ध ब्लॉकों की पाइपलाइन बढ़ाने के लिए बनाया गया है|
यह कदम भूवैज्ञानिक रिपोर्टों और अन्वेषण कार्यक्रमों के अनुमोदन को सरल बनाने के लिए शुरू किए गए सुधारों पर आधारित है, जिससे एजेंसियों के लिए सर्वेक्षण करना और नए ब्लॉकों को विकास पाइपलाइन में लाना आसान हो जाता है|
भारत ने 2025 में 1,042.9 MT कोयला उत्पादन किया, जो एक वर्ष पहले दर्ज 1,039.6 MT से थोड़ा अधिक है, बढ़ती मांग के बावजूद स्थिर उत्पादन को दर्शाता है|
घरेलू कोयला-आधारित विद्युत संयंत्रों के पास दिसंबर के अंत में 50.31 MT का स्टॉक था, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से लगभग 17.4% अधिक है, और स्टॉकपाइल ने पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 80 दिन पहले 50 MT का स्तर पार कर लिया|
प्रचुर घरेलू आपूर्ति ने ब्लेंडिंग के लिए आयातित कोयले पर निर्भरता को भी तेज़ी से कम किया है. ब्लेंडिंग कोयला आयात 2025 में 54.17% घटा, मात्रा दिसंबर तक घटकर मात्र 5.5 MT रह गई, जो एक साल पहले 12 MT थी. अप्रैल से अक्टूबर के बीच कुल कोयला आयात 149.8 MT रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग स्थिर है|
भारत के पास वर्तमान में लगभग 401 अरब टन कोयला संसाधन हैं, जो इसे वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े धारकों में से एक बनाते हैं| नई फंडिंग साइकिल इस भूवैज्ञानिक क्षमता को उपयोगी भंडार में बदलने पर स्पष्ट केन्द्रित संकेत देती है, जो अगले दशक में थर्मल पावर, स्टील, सीमेंट और अन्य ऊर्जा-गहन क्षेत्रों का समर्थन कर सके|
अन्वेषण कवरेज बढ़ाकर और भंडार मैपिंग में सुधार कर, सरकार का उद्देश्य सुगम खदान विकास सुनिश्चित करना, आयात संबंधी संवेदनशीलता कम करना और निवेशकों व विद्युत उत्पादकों को दीर्घकालिक दृश्यता प्रदान करना है|
FY27 से ₹5,925 करोड़ का आवंटन भारत के कोयला और लिग्नाइट संसाधन आधार को गहरा करने की निर्णायक पहल है, जो उत्पादन वृद्धि को देश की बढ़ती बिजली और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप रखते हुए घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करता है|
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प्रकाशित:: 13 Jan 2026, 10:12 pm IST

Team Angel One
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