
इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टार्टअप रोडग्रिड ने प्री-सीरीज़ A फंडिंग राउंड में पूंजी जुटाई है, क्योंकि भारत में बढ़ती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने के बीच यह अपनी वृद्धि तेज करना चाहता है, द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार|
यह फंडिंग ऐसे समय आई है जब देश का EV (ईवी) पारिस्थितिकी तंत्र वाहन श्रेणियों में बड़े पैमाने पर तैनाती की ओर बढ़ रहा है|
फंडिंग राउंड का नेतृत्व वेंचर कैटेलिस्ट्स ने किया और इसमें एंजेल व स्ट्रेटेजिक निवेशकों का मिश्रित समूह शामिल हुआ|
इनमें स्काईलाइन ग्रुप के कमल पुरी, IPV (आईपीवी), FAAD (एफएएडी) नेटवर्क, लेट्सवेंचर, पेस ग्रुप की वृंदा गोयल, अर्थानोमिक्स के हारेश पटेल और अल्फा वैल्यू के मनीष श्रीवास्तव शामिल थे|
निवेशकों ने रोडग्रिड के EV चार्जिंग के एकीकृत दृष्टिकोण का समर्थन किया, जो हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग, सॉफ्टवेयर प्लेटफ़ॉर्म्स और ऑन-ग्राउंड निष्पादन को जोड़ता है|
रोडग्रिड EV चार्जिंग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर विकसित करता है और पब्लिक व कमर्शियल चार्जिंग स्टेशनों का संचालन भी करता है| कंपनी नई पूंजी का उपयोग अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, अपने चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने और चार्जिंग संचालन प्रबंधन के लिए उपयोग किए जाने वाले क्लाउड-आधारित सॉफ्टवेयर प्लेटफ़ॉर्म को बेहतर बनाने में करने की योजना बना रही है|
स्टार्टअप पेटेंटेड यूनिवर्सल EV चार्जर्स पर काम कर रहा है, जो दो-पहिया, तीन-पहिया और चार-पहिया वाहनों का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं| यह निजी और कमर्शियल दोनों इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन देने के लिए देशव्यापी चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क भी बना रहा है|
वर्तमान में रोडग्रिड 2 बिज़नेस सेगमेंट्स में काम करता है: ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स, यूटिलिटीज़ और फ्लीट ऑपरेटर्स को चार्जर्स की आपूर्ति; और पब्लिक व कमर्शियल चार्जिंग स्टेशनों का संचालन|
इसके सक्रिय डिप्लॉयमेंट इंदौर और नोएडा जैसे शहरों में हैं और यह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़ और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स के साथ काम करता है| कंपनी के पास 1,000 से अधिक चार्जर्स की पुष्ट पाइपलाइन है|
भारत में 2030 तक सड़कों पर 80 मिलियन से 100 मिलियन इलेक्ट्रिक वाहन होने की उम्मीद है, जो सरकार के लगभग 30% निजी वाहनों को विद्युतीकृत करने के लक्ष्यों से प्रेरित है|
इस बदलाव से विश्वसनीय और स्केलेबल चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है|
भारतीय EV चार्जिंग बाजार, जिसका वर्तमान अनुमान लगभग ₹5,000 करोड़ है, अगले छह वर्षों में लगभग दस गुना बढ़कर करीब ₹50,000 करोड़ होने का अनुमान है, जिससे इन्फ्रास्ट्रक्चर-केन्द्रित खिलाड़ियों के लिए अवसर बनेंगे|
नई पूंजी और प्रमुख निवेशकों के समर्थन के साथ, रोडग्रिड शहरों और वाहन सेगमेंट्स में यूनिवर्सल चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करके भारत के EV पारिस्थितिकी तंत्र में बुनियादी भूमिका निभाने की स्थिति बना रहा है, जिससे देश के दीर्घकालिक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लक्ष्यों को समर्थन मिलेगा|
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प्रकाशित:: 8 Jan 2026, 10:00 pm IST

Team Angel One
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