
स्विगी शेयर प्राइस मंगलवार, 6 जनवरी, 2026 को तेज गिरावट दर्ज हुई, भारी बिकवाली दबाव के बीच यह छह महीने से अधिक का निचला स्तर छू गया। फूड और ग्रोसेरी डिलीवरी कंपनी का स्टॉक इंट्रा-डे में लगभग 5% गिरकर करीब ₹360 पर आ गया, जो इसके क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के इश्यू प्राइस ₹375 से नीचे फिसल गया। यह गिरावट बढ़ती वॉल्यूम और लाभप्रदता व प्रतिस्पर्धा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई।
स्विगी के शेयर लगातार तीसरे सत्र में गिरावट बढ़ाते रहे, 3 ट्रेडिंग दिनों में लगभग 8% टूटे। यह स्टॉक अब 19 जून, 2025 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर ट्रेड हो रहा है। सत्र के दौरान, औसत की तुलना में ट्रेडिंग वॉल्यूम लगभग 1.5 गुना उछला, NSE (एनएसई) और BSE (बीएसई) में 9 मिलियन से अधिक शेयरों में सौदे हुए।
विस्तृत बाजार अपेक्षाकृत स्थिर रहा, लेकिन स्विगी ने बेंचमार्क सूचकांकों से कमजोर प्रदर्शन किया, जो समग्र बाजार कमजोरी की बजाय स्टॉक-विशिष्ट दबाव को दर्शाता है। स्विगी को हाल में फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में शामिल किए जाने से निकट अवधि की अस्थिरता भी बढ़ी है।
गिरावट ने स्विगी का शेयर प्राइस दिसंबर 2025 में तय QIP प्राइस ₹375 से नीचे ला दिया है। कंपनी ने QIP के जरिए ₹10,000 करोड़ जुटाए थे, जिसमें घरेलू और वैश्विक संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी रही।
स्विगी ने कहा था कि इस फंड का उपयोग क्विक कॉमर्स नेटवर्क के विस्तार, जिसमें डार्क स्टोर्स और वेयरहाउस शामिल हैं, टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, ब्रांड मार्केटिंग को समर्थन और संभावित अधिग्रहणों के लिए किया जाएगा। हालांकि, इस पूंजी प्रवाह के बावजूद हालिया सत्रों में निवेशक धारणा कमजोर हुई है।
बाजार प्रतिभागी फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स दोनों में स्विगी की स्थिति को लेकर सतर्क बने हुए हैं। फूड डिलीवरी में कंपनी शुरुआती मूवर रही है, लेकिन प्रतिस्पर्धा तेज हुई है और लाभप्रदता को समकक्षों से पीछे माना जा रहा है।
क्विक कॉमर्स में स्विगी के सामने चुनौती और कठिन है। हाल के कुछ तिमाहियों में ऑर्डर ग्रोथ धीमी हुई है, जबकि डार्क स्टोर ऑपरेशंस से जुड़ी लागतें ऊंची बनी हुई हैं। प्रति डार्क स्टोर ऑर्डर जैसे उत्पादकता मीट्रिक्स पर भी दबाव के संकेत दिखे हैं, जिससे संचालन दक्षता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
हालांकि स्विगी योगदान-स्तर लाभप्रदता के करीब है, स्थिर लागतें समग्र मार्जिन पर दबाव बनाए रखती हैं। इससे इस बात पर सवाल उठे हैं कि कंपनी विशेषकर अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल में कितनी जल्दी सतत लाभप्रदता की ओर बढ़ सकती है।
पिछले एक वर्ष में स्विगी ने कीमतों में व्यापक उतार-चढ़ाव देखा है। स्टॉक ने जनवरी 2025 की शुरुआत में ₹540 से ऊपर का 52-सप्ताह उच्च और मई 2025 में ₹297 का निचला स्तर छुआ। ताज़ा गिरावट दर्शाती है कि निवेशक विकास संभावनाओं और लागत दबाव का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं, जिससे अस्थिरता बनी हुई है।
स्विगी के हालिया शेयर प्राइस में गिरावट प्रतिस्पर्धा, लाभप्रदता और क्विक कॉमर्स में निष्पादन को लेकर बढ़ती निवेशक सतर्कता को दर्शाती है। कंपनी ने बड़ी QIP के जरिए अपनी बैलेंस शीट मजबूत की है, फिर भी दक्षता और मार्केट शेयर से जुड़ी चुनौतियां प्रमुख चिंताएं बनी हुई हैं। निकट अवधि में, निवेशक विकास रुझानों और लागत नियंत्रण पर प्रगति पर नजर रखेंगे, जिससे स्टॉक प्रदर्शन के अस्थिर रहने की संभावना है।
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प्रकाशित:: 6 Jan 2026, 7:12 pm IST

Team Angel One
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