
तमिलनाडु सरकार ने 1 अप्रैल, 2003 से लागू योगदान आधारित पेंशन प्रणाली (CPS) को बदलने का निर्णय लिया है. नई व्यवस्था, जिसे तमिलनाडु आश्वस्त पेंशन योजना (TAPS) कहा गया है, राज्य सरकार के कर्मचारियों और शिक्षकों पर लागू होगी|
यह बदलाव मौजूदा पेंशन मॉडलों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने घोषित कि|
केंद्रीय सरकार द्वारा 1 अप्रैल, 2025 से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) शुरू करने के बाद, तमिलनाडु ने जनवरी 2026 में अपने पेंशन ढांचे की जांच के लिए एक समिति गठित की|
पैनल ने पुरानी पेंशन योजना, CPS और UPS की समीक्षा की और 30 दिसंबर, 2025 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की| इस समीक्षा के आधार पर, राज्य ने एक ऐसा ढांचा चुना जो कर्मचारी योगदान जारी रखते हुए एक निश्चित पेंशन प्रदान करता है|
TAPS 1 जनवरी, 2026 को या उसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले तमिलनाडु सरकार के कर्मचारियों पर लागू होगा| उस तारीख से राज्य सेवा में शामिल होने वाले नए कर्मचारी भी योजना के दायरे में आएंगे|
वर्तमान में CPS के तहत आने वाले जो कर्मचारी कट-ऑफ तिथि को या उसके बाद सेवानिवृत्त होंगे, वे भी शामिल किए जाएंगे, जो अभी अधिसूचित किए जाने वाले नियमों के अधीन होगा| वैधानिक और लेखांकन प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद योजना लागू की जाएगी|
नई योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को मासिक पेंशन उनके अंतिम प्राप्त मूल वेतन तथा महंगाई भत्ता का 50% मिलेगी| कर्मचारी अपनी मासिक वेतन का 10% पेंशन कोष में योगदान करेंगे|
पेंशन देयताओं को पूरा करने के लिए शेष आवश्यकता राज्य सरकार वहन करेगी| महंगाई भत्ता संशोधन हर 6 महीने पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों पर लागू किए जाएंगे|
यदि किसी पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाती है, तो पात्र आश्रितों को पेंशन का 60% पारिवारिक पेंशन के रूप में दिया जाएगा| ग्रेच्युटी पात्र सेवा के आधार पर दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा ₹25 लाख होगी|
सेवा के दौरान या सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी की मृत्यु होने पर मृत्यु ग्रेच्युटी पर भी यही सीमा लागू होगी| न्यूनतम पात्र सेवा पूरी न करने वाले कर्मचारी भी न्यूनतम पेंशन के हकदार होंगे|
CPS के तहत शामिल हुए और TAPS से पहले बिना पेंशन पाए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि से जुड़ी सहानुभूति पेंशन दी जाएगी| पेंशन कम्यूटेशन निर्धारित की जाने वाली शर्तों के अधीन अनुमेय होगा|
राज्य ने पेंशन कोष के लिए लगभग ₹13,000 करोड़ की प्रारंभिक आवश्यकता और लगभग ₹11,000 करोड़ का वार्षिक व्यय आंका है| विस्तृत नियम और परिचालन दिशानिर्देश अलग से अधिसूचित किए जाएंगे|
नई पेंशन रूपरेखा 1 जनवरी, 2026 से पात्र राज्य कर्मचारियों और नए भर्ती पर लागू होगी| क्रियान्वयन नियमों और निर्धारित शर्तों की अधिसूचना पर निर्भर करेगा|
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प्रकाशित:: 13 Jan 2026, 7:24 pm IST

Team Angel One
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